UP Nikay Chunav 2023 : गीता को झटका देकर सपा ने रुचि पर लगाया दांव, सपा का टिकट बदलने से युवाओं में उत्साह

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Edited By Amrit Vichar
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बांदा में सपा का टिकट बदलने से युवाओं में उत्साह।

बांदा में सपा का टिकट बदलने से युवाओं में उत्साह। गीता पहले ही नामांकन करा चुकी हैं। जबकि रविवार को रुचि त्रिपाठी पर्चा भरेंगी। सपा का टिकट बदलने से युवाओं में उत्साह।

बांदा, अमृत विचार। आम तौर पर पिछड़ों का दल कही जाने वाली समाजवादी पार्टी ने इस बार ब्राह्मण वोटों पर नजर केंद्रित की है। सपा ने पहले तो मौजूदा चेयरमैन की पत्नी गीता साहू को टिकट दे दिया लेकिन बाद में काफी विचार विमर्श के बाद हाईकमान ने ब्राह्मणों को रिझाने के लिए बांदा नगर पालिका का टिकट युवजन सभा के राष्ट्रीय सचिव रहे ओमनारायण त्रिपाठी विदित की धर्मपत्नी रुचि त्रिपाठी को थमाया है।

हालांकि सपा का टिकट मिलने के बाद गीता साहू ने एक दिन पहले अपना पर्चा भर दिया था, लेकिन अब उनका टिकट कटने के बाद रविवार को रुचि त्रिपाठी नामांकन कर सकती हैं। उधर सपा का टिकट ब्राह्मण समाज के खाते में जाने के बाद से समाज के युवाओं में खुशी की लहर है।

युवजन सभा के राष्ट्रीय सचिव रहे ओमनारायण त्रिपाठी विदित की धर्मपत्नी रुचि त्रिपाठी ने टिकट की दौड़ में बाजी मारते हुए समाजवादी पार्टी का टिकट हथिया लिया है और मौजूदा चेयरमैन मोहन साहू की पत्नी गीता साहू को करारी शिकस्त दे दी है। हालांकि गीता साहू ने टिकट मिलने के बाद शुक्रवार को नामांकन दाखिल करते हुए अपना दावा ठोंक दिया था, लेकिन अब एक बार फिर से टिकट में फेरबदल होने से जहां उनका मनोबल गिरा है, वहीं उनके पति समेत समर्थकों की टोली ने पार्टी हाईकमान समेत अन्य दलों की भी गणेश परिक्रमा शुरू कर दी है।

देखना दिलचस्प होगा कि गीता के मोहन अब अपनी रणनीति में कितने सफल हो पाते हैं और उनकी दावेदारी की क्या स्थिति बन पाती है। हालांकि देखा जाए तो चेयरमैन रहते हुए मोहन साहू तमाम आरोपों से घिरे रहे और एक बार अधिकार सीज तो एक बार बर्खास्तगी तक झेल चुके हैं। लेकिन उन्होंने सत्ता का हाथ नहीं थामा और निरंतर डटे रहे।

सूत्रों की मानें तो सत्ता से संघर्ष की दुहाई देकर ही उन्हें अपनी पत्नी को टिकट दिलवाने में सफलता हाथ लगी थी, लेकिन ऐन वक्त हाईकमान ने ब्राह्मण वोटों पर नजर केंद्रित करते हुए रुचि त्रिपाठी पर अपना भरोसा जताया और गीता साहू को मुंह की खानी पड़ गई। जानकारों बताते हैं कि समाजवादी पार्टी ने रुचि को टिकट देकर अपने ऊपर लगे पिछड़ों की पार्टी के टैग हटाने का सार्थक प्रयास किया है। समाजवादी पार्टी ने अपने एम-वाई फैक्टर के साथ ब्राह्मणों को अपने साथ करके एक बार फिर नगर पालिका की कुर्सी हथियाने का दांव खेल दिया है।

कांगेस के चार चेयरमैन पद उम्मीदवार घोषित

सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने अभी तक निकाय चुनाव के लिये जनपद की दो नगर पालिकाओं समेत छह नगर पंचायत के चेयरमैन पदों के लिये उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। जातीय समीकरण फिट बैठाने के चक्कर में कांग्रेस ने भी अपने पत्ते नहीं खोले थे। शनिवार को कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बृजलाल खाबरी पूर्व सांसद ने विचारोपरांत छह में से चार नगर पंचायतों के चेयरमैन पद प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की। जिलाध्यक्ष प्रद्युम्न दुबे लालू ने बताया कि नगर पंचायत नरैनी से हरिकृष्ण वर्मा, बिसंडा बुजुर्ग से संपत पत्नी ओमप्रकाश, तिंदवारी से किरन देवी पत्नी रामबाबू सोनी और नगर पंचायत मटौंध से अजय कुमार शुक्ला को पार्टी का उम्मीदवार बनाया गया है। सभी उम्मीदवारों को अपना नामांकन कराने के लिये भी हरी झंडी दे दी गई है।

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