बरेली: 300 बेड हॉस्पिटल में कई की नौकरी पर संकट
बरेली,अमृत विचार। कोविड काल से 300 बेड हॉस्पिटल में वार्ड ब्वॉय और सफाई का कार्य करने वाले फरीदपुर और आंवला के 15 युवकों की नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है। आउटसोर्सिंग के जरिए नौकरी करने वाले युवकों ने जिलाधिकारी से पहली प्राथमिकता में उन्हें नौकरी देने की मांग की है। शनिवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे …
बरेली,अमृत विचार। कोविड काल से 300 बेड हॉस्पिटल में वार्ड ब्वॉय और सफाई का कार्य करने वाले फरीदपुर और आंवला के 15 युवकों की नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है। आउटसोर्सिंग के जरिए नौकरी करने वाले युवकों ने जिलाधिकारी से पहली प्राथमिकता में उन्हें नौकरी देने की मांग की है।
शनिवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे युवकों ने बताया कि कोविड संक्रमण फैलने के दौरान से वे सब 300 बेड हॉस्पिटल में कार्य कर रहे हैं। अब इंटरव्यू कराकर अस्थाई पद भरे जा रहे हैं। ऐसे में उनके इस अनुभव को देखते हुए उनकी नौकरी बरकरार रखी जाएगी। युवकों ने डीएम कैंप कार्यालय पहुंचकर भी इंसाफ की मांग उठाई।
फरीदपुर और आंवला तहसील क्षेत्र के रहने वाले अनिल बाबू, राम सिंह, राजन बाबू, राकेश कुमार, शंकर लाल, राजपाल, गुड्डू, कबीर आदि ने बताया कि जनपद में कोविड-19 संक्रमण के फैलाने के दौरान 300 बेड हॉस्पिटल में संदिग्धों की जांच शुरू हुई थी। तब आनन-फानन में आउटसोर्सिंग से वार्ड ब्वॉय और सफाई कर्मियों समेत अन्य पदों पर युवकों की तैनाती की गई। उन्हें भी नौकरी मिली। तब से वह यहां काम कर रहे हैं।
कुछ दिनों से हॉस्पिटल को कोविड एल-2 हॉस्पिटल बनाकर संचालित करने की तैयारियां की जा रही हैं। शुक्रवार को अस्थाई पदों को भरने के लिए कलेक्ट्रेट में इंटरव्यू कराए गए। इसमें हम सभी ने भी इंटरव्यू दिए। युवकों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में युवा इंटरव्यू देने के लिए आए। इससे यह नहीं कह सकते कि उनका नंबर आएगा या नहीं। नौकरी जाने के संकट का हल निकालने के लिए प्रशासन को उनकी मदद करनी चाहिए। हालांकि, इंटरव्यू होने से उनकी यह मांग खारिज मानी जा रही है। शुक्रवार की देर रात तक अफसरों ने इंटरव्यू देने आए युवकों को नौकरी पर रखे जाने को लेकर मंथन किया था।
