UP Nikay Chunav: Hamirpur में एक मोहल्ले में दस मकानों के अंतराल में चार अध्यक्ष पद के प्रत्याशी, पढ़ें- पूरी खबर

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Edited By Amrit Vichar
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हमीरपुर में एक मोहल्ले में दस मकानों के अंतराल में चार अध्यक्ष पद के प्रत्याशी।

हमीरपुर में एक मोहल्ले में दस मकानों के अंतराल में चार अध्यक्ष पद के प्रत्याशी। चारों पड़ोसी एक दूसरे के खिलाफ़ बिगुल फूंक रहे।

हमीरपुर, अमृत विचार। नगर पालिका में अध्यक्ष की सीट को लेकर कस्बे में घमासान मचा है। चुनावी मैदान में एक से एक सूरमा मैदान में आ डटे हैं। देखा जाए तो एक ही मोहल्ले में दस मकानों के अंतराल में चार प्रत्याशी आमने सामने चुनावी दंगल में कूद चुके हैं। चुनावी मैदान में कूदे ऐसे प्रत्याशियों की मान मनौब्बल जारी है।

फिलहाल कस्बे में प्रमुख राजनीतिक दलों भाजपा व सपा में बागियों की संख्या अच्छी खासी है। ऐसे लोग पहले से ही उम्मीदवारी की आस में कस्बे को पोस्टरों और बैनरों के जरिए अपने को अध्यक्ष पद के लिए आगे ला चुके हैं। सीट अनारक्षित होने पर विभिन्न दलों में ऐसे लोग आवेदन करने में आगे रहे। पिछले 24 अप्रैल को प्रत्याशियों की घोषणा हुई तो टिकट से बाहर हुए विभिन्न पार्टियों के पुराने कार्यकर्ता आग बबूला हो गए।

पार्टी में अपनी सेवाओं का हवाला दे निर्दलीय रूप से नामांकन पर्चा भर चुनावी मैदान में डट गए हैं। मजेदार बात यह है कि एक मौहल्ले से चार उम्मीदवार ऐसे हैं जिनके घरों की दूरी आपस में सौ मीटर भी नहीं है। भाजपा ने वाल्मीक गोस्वामी, सपा बिस्मिल्ला बनो, बसपा रजा मोहम्मद उर्फ़ श्रीनाथ, कांग्रेस रीता निषाद, आप गुलाम मोहम्मद को अपना प्रत्याशी घोषित किया है।

वहीं तमाम लोग ऐसे हैं जिन्होंने अध्यक्ष बनने के सपने देखे थे लेकिन अब खामोशी अख्तियार पार्टी के घोषित प्रत्याशी को जिताने के लिए प्रचार प्रसार शुरू कर दिया है। वहीं कुछ पालिका अध्यक्ष के उम्मीदवारों ने अपनी चहेती पार्टियों से बगावत कर निर्दलीय मैदान में उतर प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। सबसे मजेदार बात यह है कि मौदहा नगर पालिका के अध्यक्ष के उम्मीदवारों में से चार उम्मीदवार ऐसे है जो आपस में पड़ोसी है।

जिसमें भाजपा प्रत्याशी वाल्मीक गोस्वामी, निर्दलीय प्रत्याशी मोहनबाबू अनुरागी, निर्दलीय प्रत्याशी रानी यादव पत्नी रामबाबू और निर्दलीय प्रत्याशी वरदानीलाल हैं। इनके मकानों की दूरी बमुश्किल सौ मीटर से भी कम है। मोहन बाबू और रानी यादव का घर आमने सामने है तो तीन घर छोड़कर वरदानी लाल गुप्ता मकान है। ऐसे में लोग चर्चा कर हंस रहे हैं कि जो अपने पड़ोसियों में ही सामंजस नहीं बना पाए वह लोग जीतने के बाद नगर की सेवा में कैसे सफल हो सकेंगे।

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