रामपुर: जिला अस्पताल में ईएमओ ने सीटी स्कैन इंचार्ज के जड़ा थप्पड़, मची अफरा-तफरी

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Edited By Amrit Vichar
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रामपुर, अमृत विचार। जिला अस्पताल में सीटी स्कैन के इंचार्ज ईएमओ ने थप्पड़ जड़ दिया। यह देख मौके पर कक्ष में काफी देर तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। थप्पड़ और हाथापाई के बाद मौके से चिकित्सक अपने साथियों के संग फरार हो गया। इस दौरान हंगामा होता देख मरीजों के तीमारदार भी मौके पर आ गए। इसी बीच चौकी पुलिस ने मामले की जानकारी ली। वहीं दूसरी ओर इंचार्ज ने एक नामजद समेत दो अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी। जहां पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। मालूम हो कि इससे पहले भी जिला अस्पताल में कई मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं।

पुलिस को दी तहरीर में सीटी स्कैन इंचार्ज रिंकू सिंह ने बताया कि बुधवार की दोपहर 12:50 बजे डा. अमन अमीर खान आफिस में आकर मारपीट गाली गलौच करने लगे। इस दौरान हंगामा की सूचना मिलने पर अंदर बैठे स्टाफ भी आ गया। जहां उन्होंने बीच बचाव में पड़कर किसी प्रकार मामला शांत कराया।  मारपीट की सूचना मिलने पर अन्य चिकित्सक भी मौके पर पहुंचे। सीटी स्कैन कक्ष में अस्पताल चौकी इंचार्ज ने पूरी घटना की जानकारी ली। मामला काफी बढ़ता देख सीएमएस समेत कई वरिष्ठ चिकित्सक मौके पर पहुंच गए। जहां दोनों पक्षों को बुलाकर बात पूछी गई, इस दौरान एक पक्ष ने माफी मांग ली। जबकि दूसरा पक्ष कार्रवाई कराए जाने को अड़ा रहा। जानकारी में आया कि समझौता कराए जाने को लेकर दोनों पक्षों में काफी देर तक वार्ता चली। जोकि कामयाब नहीं रही। 

सीटी स्कैन सेवा कराई बंद, भटकते रहे मरीज
जिला अस्पताल में हुए हंगामा होने से सीटी स्कैन सेवाएं बंद करा दी गई। दिनभर मरीज इधर से उधर भटकते रहे। सीटी स्कैन कक्ष में ताला लगा दिया गया। हंगामा होने से पहले सीटी स्कैन कराने वाले लोगों को बैरंग लौटा दिया गया।

अस्पताल में आए दिन हो रहीं मारपीट की घटनाएं
जिला अस्पताल में आए दिन मारपीट की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। दो साल पहले डा. बीएम नागर के स्टाफ नर्स ने किसी बात को लेकर थप्पड़ जड़ दिए थे। चंद दिनों बाद ही बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राशिद के कक्ष के बाहर मरीजों को दिखाने के लिए नोकझोंक हो गई थी, इसके बाद मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों की ओर से जमकर बेल्टें चलीं थी। बीच बचाव कराने में कई लोग घायल भी हो गए थे। दोनों पक्षों की ओर से कार्रवाई कराए जाने को पुलिस को तहरीर दी गई। जिसके अंत में दोनों पक्षों के सुलहनामा करा दिया गया था।

विवाद के बाद दोनों पक्षों को बुलाकर मामले की जांच की जा रही है, एक पक्ष ने माफी मांग ली है। दूसरा पक्ष समझौते को राजी नहीं है। उसने पुलिस को सूचना दे दी है। कोशिश कर रहे हैं आपस में बातचीत के बाद मामला निपट जाए।-डॉ. एचके मित्रा सीएमएस।

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