नगर पालिका परिषद सुलतानपुर : तीन ने वापिस लिया नामांकन, अब 10 उम्मीदवारों में लड़ाई
पांचों निकायों को मिलाकर कुल 58 लोग कर रहे अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी
अमृत विचार, सुलतानपुर। नगर निकाय चुनाव में गुरुवार को कई प्रत्याशियों ने अपना अभ्यर्थन वापस लिया। नगर पालिका परिषद सुलतानपुर में तीन समेत चारों नगर पंचायतों में कुल 13 लोगों ने अपना पर्चा वापिस ले लिया। इसी हिसाब से अब एक नगर पालिका और चारों नगर पंचायतों को मिलाकर कुल 58 दावेदार अध्यक्ष पद के लिए मैदान में है।
नगर पालिका परिषद सुलतानपुर में अध्यक्ष पद के कुल तीन लोगों ने पर्चा वापिस लिया है। इसमें कांग्रेस प्रत्याशी वरुण मिश्र की पत्नी इच्छा मिश्रा, भाजपा उम्मीदवार प्रवीण कुमार अग्रवाल की पत्नी सुनीता अग्रवाल व सरताज आलम का नाम शामिल है। सदस्य पद के लिए कुल 16 लोगों ने पर्चा वापिस लिया है।
नगर पंचायतों में अभ्यर्थन वापस लेने वाले उम्मीदवारों की संख्या अध्यक्ष पद हेतु कुल 13 है। इसमें नगर पंचायत लंभुआ से अंजू धुरिया, ज्ञानमती उर्फ सुदामा, ममता, राजेन्द्र प्रसाद, रेखा देवी, संजीव कुमार पांडेय शामिल है। सभी निर्दलीय हैं। इसी प्रकार नगर पंचायत दोस्तपुर से अनीता पत्नी विजय, राधिका पत्नी शशिन कुमार व सीमा पत्नी सुरेन्द्र प्रताप शामिल है। सभी निर्दलीय हैं। इसी प्रकार नगर पंचायत कोइरीपुर से अध्यक्ष पद हेतु मुन्नी देवी निर्दलीय हैं। इसी प्रकार अन्य नगर पंचायतों से अध्यक्ष पद हेतु भी कुछ नाम वापस लिये गये हैं। सदस्य पद हेतु सभी नगर पंचायतों से कुल 26 अभ्यर्थन वापस लिये गये है।
इस प्रकार अभ्यर्थन वापसी के उपरान्त वैध उम्मीदवारों की संख्या नगर पालिका परिषद सुलतानपुर में अध्यक्ष पद हेतु कुल 10 तथा सदस्य पद हेतु कुल 157 है। इसी प्रकार सभी नगर पंचायतों में अभ्यर्थन की वापसी के उपरान्त वैध उम्मीदवारों की संख्या अध्यक्ष पद हेतु कुल 39 है तथा सदस्य पद हेतु कुल संख्या 264 है। इस प्रकार अध्यक्ष व सदस्य पद हेतु वैध उम्मीदवारों की कुल संख्या 470 है।

निर्विरोध निर्वाचित हुए रमेश सिंह, बनाया इतिहास
जिले की इकलौती नगर पालिका परिषद सुलतानपुर में गुरुवार को एक और इतिहास बन गया। यहां के सिविल लाइन वार्ड से भाजपा से उम्मीदवारी करने वाले रमेश सिंह टिन्नू निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुए हैं। उनके रणनीतिक कौशल की वजह से इस वार्ड से एक भी प्रत्याशी ने पर्चा नहीं दाखिल किया था। गुरुवार को जांचोपरांत उनका नामांकन वैध पाया गया और निर्विरोध निर्वाचित हुए। नगर पालिका के चुनावी इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब कोई सभासद पद के लिए निर्विरोध चुना गया है।
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