यूपी रोडवेज के प्रबंध निदेशक संजय कुमार हटाये गए, एन.वेंकटेश्वर लू को मिला कार्यभार
राज्य ब्यूरो, लखनऊ, अमृत विचार। राज्य सरकार ने उप्र. परिवहन निगम की ई-टिकट बुकिंग वेबसाइट हैक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक संजय कुमार को हटा दिया है। फिलहाल के लिए प्रबंध निदेशक का कार्यभार प्रमुख सचिव परिवहन विभाग व परिवहन निगम के अध्यक्ष एन.वेंकटेश्वर लू को दिया गया है।
बताते हैं कि वेबसाइट हैकर्स ने डाटा रिलीज करने के लिए परिवहन निगम के एमडी से 40 करोड़ की फिरौती मांगी थी। इसकी एफआईआर 26 अप्रैल को साइबर क्राइम थाना गोमतीनगर, लखनऊ में दर्ज करायी गयी है। परिवहन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि परिवहन निगम की बसों में ई-टिकटिंग प्रणाली तीन से चार दिन में फिर से बहाल हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि राज्य सड़क परिवहन निगम की बस टिकटिंग परियोजना के डाटाबेस को अज्ञात हैकर्स द्वारा इनक्रिप्ट कर दिया गया था। दयाशंकर सिंह ने बताया कि ई-टिकटिंग प्रणाली पुर्नस्थापित करने के लिए नए सर्वर की टेस्टिंग सफलतापूर्वक कर लिया गया है।
इलेक्ट्रानिक टिकटिंग प्रणाली का थर्ड पार्टी कॉम्प्रेहेन्सिव सिक्योरिटी आडिट के सफलतापूर्वक परीक्षणोपरान्त 3 से 4 दिनों में इलेक्ट्रानिक टिकटिंग प्रणाली पूर्व की भांति पुनः संचालित करा दी जाएगी।उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों से सभी बसों का संचालन मैनुअल टिकट के माध्यम से कराते हुए यात्रियों को बिना किसी व्यवधान के बसों की उपलब्धता सुनिश्चित करायी गयी है।
क्षेत्रीय अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए 24 घंटे मानीटरिंग किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। परिवहन मंत्री के मुताबिक, मेसर्स ओरियन प्रो. को टिकटिंग परियोजना के तहत अभी तक निगम की ओर से कोई भुगतान नहीं किया गया है। टिकटिंग प्रणाली में उत्पन्न हुए सिक्योरिटी ब्रीच की वजह से सेवा प्रदाता को इस साल पांच जनवरी की गो-लाइव तिथि अनुसार अनुमन्य भुगतानों को रोके जाने का निर्णय लिया गया है।
सेवा प्रदाता के सभी साफ्टवेयर अप्लीकेशन्स, वेब पोर्टल्स इत्यादि की साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स के माध्यम से सम्पूर्ण सिक्योरिटी टेस्टिंग का कार्य गतिशील है। जिसके पूरा होते ही निगम समस्त क्षेत्रों में फिर से ऑनलाइन प्रणाली लागू करा दी जायेगी। वहीं दूसरी ओर मैनुअल टिकट बनाने में होने वाली परेशानियों को देखते हुए कई परिचालक ड्यूटी पर जाने से कतरा रहे हैं। कर्मचारियों के हड़ताल से निगम को लाखों का नुकसान हो रहा है चालकों की अनुपस्थिति में कई बसें नहीं संचालित हो पा रही हैं।
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