पीलीभीत: मुकदमा लिख गया कोई आफत नहीं आई, राजीनामा हो जाएगा, ऑडियो वायरल
होमगार्ड बोला- न मैंने लिखा न पढ़ा, नायब और तहसीलदार साहब ने दी तहरीर
पीलीभीत, अमृत विचार। अभी कुछ दिन पहले ही खनन में पकड़ी गई ट्रैक्टर ट्रॉली को सीज करते हुए गार्ड पर हमला करने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। अब इससे जुड़े कुछ ऑडियो भी वायरल हो गए हैं। जिससे की कार्रवाई की सत्यता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
पूरनपुर कोतवाली में होमगार्ड जमुनिया खास गांव निवासी रामकुमार वर्मा पर हमला करने के आरोप में 28 अप्रैल को संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। यह रिपोर्ट पूरनपुर के मोहल्ला अहमदनगर लाइनपार निवासी इरफान के खिलाफ थी। मामला खासा चर्चा का विषय बना रहा था। अब इसमें नया मोड़ आया है।
सोशल मीडिया पर सोमवार को कुछ ऑडियो तेजी से वायरल हुए। जिसमें बातचीत करने वाला मुकदमा वादी होमगार्ड बताया गया है, जोकि आारोपी के परिचित से बातचीत कर रहा है। इस ऑडियो के सामने आने के बाद अब दर्ज की गई रिपोर्ट पर ही सवाल खड़े नहीं हुए बल्कि अफसरों की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है। कथित होमगार्ड कह रहा है कि हमने अपने हाथ से अपने कलम से न तो तहरीर लिखी न पढ़ी...।
यह नायब साहब और तहसीलदार साहब, कोतवाल पूरनपुर तीन चार लोग आफिस में बैठे रहे और लिख दी। यह उन्होंने अपने नाम लिखवाकर कोतवाल को दे दी। इसी तरह से रात में घुंघचिहाई में भी तहरीर दी गई। बोले- हम ट्रैक्टर पर बैठें हैं तो सोंची की गार्ड के नाम से दे दो।
हमारे साथ बदतमीजी नहीं की गई। आगे कहता है कि सुनो मेरी बात छोटे भाई। मुकदमा लिख गया कोई आफत नहीं आई। मुकदमा कागज पर लिखा है हमारी पीठ पर तो नहीं लिख गया...राजीनामा हो जाएगा। दरोगा जी से चुपके से बात कर लियो। कोई भी सरकारी आदमी कागज देगा तो पुलिस तो मुकदमा लिखेगी। फिर दूसरी तरफ से बात करने वाला कहता है कि 25 हजार रुपये तहसीलदार ने ले लिए और उसकी ट्रॉली, बाइक भी बंद कर दी और मुकदमा लिख दिया। बोला- तुम घबराओ मत एक बार और हमारे नाम से तहरीर दे दी गई थी वह भी तो खत्म हो गया। इस ऑडियो के वायरल होने के बाद खलबली मची हुई है।
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