बरेली : बूढ़ी मुर्गियों से वैज्ञानिकों ने तैयार की चिकन बड़ी
केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों की ओर से तैयार की गई चिकन बड़ी
बरेली, अमृत विचार। बूढ़ी हो चुकीं मुर्गियों के मांस को उपयोग करने के उद्देश्य से सीएआरआई के वैज्ञानिकों की ओर से प्रोटीन युक्त चिकन बड़ी तैयार की गई है। यह प्रोजेक्ट वर्ष 2022 में शुरू किया गया था। इसपर पशु पोषण विभाग के विभागध्यक्ष डा. जयदीप रोकड़े के नेतृत्व में प्रधान वैज्ञानिक डा. सुदीप सरन, पीएचडी स्कॉलर डा. मोनिका एम, एमएससी स्कॉलर इकरा रफीक ने काम किया। प्रोजेक्ट संस्थान के निदेशक डा. एके तिवारी की निगरानी में किया गया।
पशु पोषण विभाग के डा. जयदीप रोकड़े ने बताया कि जो मुर्गियां अंडा देना बंद कर देती हैं, उनके उपयोग के लिए चिकन बड़ी का निर्माण के बारे में सोचा गया। वैज्ञानिक विश्लेषण के दौरान पाया गया कि इस चिकन बड़ी में प्रोटीन की मात्रा 50- 55 प्रतिशत है। जिससे ये प्रोटीन का बेहद अधिक सोर्स बन सकता है। इसको बनाने के लिए मीट, पेठा, दाल (उड़द धुली), मसाले, मैदा और नमक के मिश्रण को तैयार कर उसे बड़ी का आकार दिया गया है। जहां मुर्गियां कम पाई जाती हैं।
ऐसे स्थान पर चिकन बड़ी प्रोटीन का एक अच्छा स्त्रोत हो सकती हैं। चिकन बड़ी को प्रिरिजर्व करने के लिए छह माह तक प्रत्येक माह में वैज्ञानिक रूप से उसमें पोषक तत्वों का विश्लेषण किया गया। जिसमें प्रोटीन समेत अन्य पोषण तत्वों की मात्रा समान पाई गई। बताया कि एक किलो चिकन से करीब डेढ़ किलो तक चिकन बड़ी बनाई जा सकती है।
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