मुरादाबाद: खतरे के निशान से सिर्फ 20 सेमी दूर है रामगंगा, लोगों में दहशत
मुरादाबाद, अमृत विचार। रामगंगा नदी में पानी बढ़ने के साथ क्षेत्र में बाढ़ की संभावना भी बढ़ गई है। तीन दिन से नदी का जल स्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। उधर, रविवार को गंगा सहित सभी नदियों में डिस्चार्ज भी बढ़ गया। देहात क्षेत्र में बारिश की वजह से ठाकुरद्वारा और आसपास के इलाकों में …
मुरादाबाद, अमृत विचार। रामगंगा नदी में पानी बढ़ने के साथ क्षेत्र में बाढ़ की संभावना भी बढ़ गई है। तीन दिन से नदी का जल स्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। उधर, रविवार को गंगा सहित सभी नदियों में डिस्चार्ज भी बढ़ गया। देहात क्षेत्र में बारिश की वजह से ठाकुरद्वारा और आसपास के इलाकों में खेती करने वालों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। कटघर में भी रामगंगा का पानी लगातार बढ़ रहा है। सुबह 190.26 मीटर का जल स्तर शाम को बढ़कर 190.40 हो गया। यहां नदी का डेंजर लेबल 190.60 है।
लगातार रामगंगा के जल स्तर में वृद्धि को देखते हुए प्रशासनिक मशीनरी की चिंता बढ़ गई है। बाढ़ नियंत्रण कार्य में जुटे अफसरों का कहना है कि मंडल की अन्य नदियां स्थिर हो गईं हैं। अभी मुरादाबाद में नदी खतरे के निशान से बीस सेंटीमीटर नीचे है। जिला मुख्यालय और आसपास के इलाकों में नदी की विकरालता से लोगों में दहशत है। डिलारी क्षेत्र में सड़क के करीब तक पानी पहुंच गया है जबकि ठाकुरद्वारा में दिनभर की बरसात ने लोगों को डरा दिया है।
शहर के चक्कर की मिलक, सीएल गुप्ता घाट, दसवां घाट, जिगर कालोनी, जामा मस्जिद, वारसी नगर और कटघर इलाके में पानी का दबाव बना हुआ है। कटघर रेलवे पुल और गंगा मंदिर क्षेत्र में पानी ऊपर की ओर बढ़ रहा है। दिन में धूप खिलने के साथ मछली पकड़ने और नदीं में नहाने वालों की भी भीड़ इस क्षेत्र में बढ़ गई।
मंडल की नदियों का जल स्तर (मीटर में)
नदी रविवार शनिवार डेंजर लेबल
रामगंगा 190.40 190.25 190.60
गंगा ब्रजघाट 198.40 198.45 199.34
गंगा तिघरी 200.15 200.25 202.00
कालागढ़ 356.200 356.00 365.366
खो-बैराज 224.55 224.65 227.300
नदियों में छोड़ा गया पानी (क्यूसेक में)
गंगा हरिद्वार 90956
मध्य गंगा बिजनौर 74773
नरौरा बैराज 169117
कालागढ़ 6004
हरेवली 6480
खो बैराज 28292
खेतों में बढ़ रहा पानी, किसानों की बढ़ी चिंता
मुरादाबाद। रामगंगा का बढ़ता जल स्तर और ढेला नदी की विकरालता से किसानों की चिंता बढ़ गई है। मुख्यालय से भोजपुर और काशीपुर की ओर जाने वाली सड़क के बीच नदी का पानी खेतों में तेजी से बढ़ रहा है। नदी पार यानी इस्लामनगर से लेकर डिलारी के बीच की खेती पानी से तबाह होनी शुरू होती दिख रही है। शनिवार को मंडल की नदियों में पानी का डिस्चार्ज कम होने से लोगों को इस बात की उम्मीद थी कि पानी कम होगा। मगर ऐसा नहीं दिख रहा है। इस्लामनगर के आसपास जैसे अटायन, रीठावाला, काजीपुरा, मुस्तापुर, स्याली, बखरपुर, मुड़िया, मढै़या, सेलमसराय, चलकाली के खेतों में पानी बढ़ता जा रहा है। धान की खेती करने वालों को फसल तबाह होने की चिंता सताने लगी है।
कटघर क्षेत्र में विकराल दिख रही धारा
तीन साल रामगंगा के पानी से कटघर और आसपास के इलाके की तस्वीर बदली है। जलस्तर बढ़ने से नदी डराने लगी है। इमलाक, देवापुर, घोसीपुरा और काफियाबाद में लोग सहमे हुए हैं। कटघर में रेलवे पुल के दोनों ओर नदी की धारा खाली क्षेत्र में फैल गई है। रेलवे पुल के पार यानी मछरिया क्षेत्र में नदी की धारा विकराल होती दिख रही है। खेती और खासतौर से सब्जी उगाने वाले तो सब कुछ गंवा बैठे हैं। पीतलनगरी क्षेत्र के लोग भी दहशत हैं।
