प्रयागराज : श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद में स्थानांतरण याचिका पर फैसला सुरक्षित
प्रयागराज, अमृत विचार। श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह मस्जिद विवाद से संबंधित सभी लंबित मामलों को मथुरा अदालत से हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग करने वाली याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को अपना फैसला सुरक्षित करते हुए इस मामले के सभी पक्षों के अधिवक्ताओं को तीन दिनों के भीतर लिखित बहस दाखिल करने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति अरविंद कुमार मिश्रा (प्रथम) की एकलपीठ ने भगवान श्रीकृष्ण विराजमान और 7 अन्य द्वारा दाखिल स्थानांतरण याचिका पर विचार करने के हफ्तों बाद बुधवार को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। याचिका में प्रस्तुत तथ्यों के अनुसार मथुरा कोर्ट के समक्ष लंबित मुकदमों में शामिल मुद्दे भगवान कृष्ण के करोड़ों भक्तों से संबंधित हैं और यह मामला राष्ट्रीय महत्व का है, इसीलिए हाईकोर्ट में सभी को स्थानांतरित किया जाना चाहिए। सिविल सूट दाखिल करने वाले हिंदू पक्षी का दावा है कि मस्जिद का निर्माण हिंदू मंदिर को ध्वस्त करके किया गया है।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान के पास बना ढांचा मस्जिद नहीं हो सकता, क्योंकि कोई वक्फ स्थापित नहीं किया गया है और ना ही कभी मस्जिद बनाने के लिए भूमि दी गई है। इसके अलावा यह भी कहा गया कि कानून के पर्याप्त प्रश्न और भारत के संविधान की व्याख्या से संबंधित कई प्रश्न जो मथुरा न्यायालय के समक्ष लंबित मुकदमों में शामिल हैं, उन्हें हाईकोर्ट द्वारा आसानी से तय किया जा सकता है। साथ ही समान मुद्दों पर विभिन्न न्यायालयों के अलग-अलग फैसलों की संभावना से भी बचा जा सकता है। याचिका में उक्त मामलों को स्थानांतरित करने के संबंध में हाईकोर्ट से नागरिक प्रक्रिया संहिता की धारा 24 (1)(बी) के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करने की प्रार्थना की गई है।
मौजूदा मामले में उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड, प्रबंधन ट्रस्ट की समिति, शाही मस्जिद मथुरा, श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट और श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान विपक्षी हैं। स्थानांतरण याचिका का विरोध करते हुए विपक्षी के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि उक्त याचिका सुनवाई योग्य नहीं है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 228 के तहत एक आवेदन हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष स्थानांतरित किया जाना चाहिए और याची अकेले ही अन्य पार्टियों की ओर से स्थानांतरण आवेदन दाखिल नहीं कर सकता है। शेष याचियों को भी सुना जाना चाहिए।
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