Nikay Chunav 2023: आजमगढ़ और मऊ के छात्रों से वोट मांग गए उप मुख्यमंत्री, छात्र बोले- हमारा वोट नहीं तो दे कैसे
UP Nikay Chunav 2023 कानपुर के काकादेव की एक कोचिंग में आयोजित नवमतदाता सम्मेलन में ब्रजेश पाठक ने मांगे वोट।
UP Nikay Chunav 2023 कानपुर के काकादेव की एक कोचिंग में आयोजित नवमतदाता सम्मेलन में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मांगे वोट। हॉल में बैठे 800 बच्चों में 50 फीसदी से ज्यादा अन्य जिलों के निवासी है। छात्र बोले हमारा वोट नहीं तो कैसे दे।
कानपुर, [अभिषेक वर्मा]। UP Nikay Chunav 2023 भाजपा की ओर से काकादेव की एक कोचिंग में आयोजित नव मतदाता सम्मेलन में अजीबो-गरीब स्थिति देखने को मिली। पहली बार वोट डालने जा रहे युवाओं के लिए आयोजित कार्यक्रम में 50 फीसदी से ऊपर छात्र दूसरे जिलों के लाकर बैठा दिए गए। यही नहीं, कईयों का तो मतदाता पहचान पत्र तक नहीं बना था।
मंच से उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने आजमगढ़, मऊ, गोरखपुर समेत दूसरे जिलों से शहर आकर पढ़ाई कर रहे बच्चों से वोट करने की अपील की। अमृत विचार ने जब बच्चों से पूछा कि क्या वह नगर निकाय चुनाव के बारे में जानते हैं तो कईयों को तो इसके बारे में पता तक नहीं था।
शहर में महापौर और पार्षद पद के लिए 11 मई को मतदान होना है। ऐसे में भाजपा ने शहर में पहली बार वोट डालने जा रहे युवाओं के लिए नव मतदाता सम्मेलन आयोजित किया था। यहां कोचिंग संस्थान ने एक हॉल में लगभग 800 छात्र-छात्राओं को बैठा दिया। जिनमें से अधिकतर नीट की तैयारी करने वाले थे।
जिनको उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने संबोधित करते हुए कहा कि चुनाव में इसबार आपकी क्या तैयारी है? इस पर छात्रों का जवाब आया कि कुछ नहीं। ब्रजेश पाठक ने खुद अंग्रेजी में बोला नथिंग, उन्होंने कहा कि जैसे आप कोचिंग चुनने से पहले अच्छे शिक्षक का चुनाव करते हैं वैसे ही वोट करते हुए अच्छे प्रत्याशी का चुनाव करें। बाबा साहेब ने यह अधिकार हमकों दिया है।
इसलिए इसबार कानपुर नगर निगम की सरकार बनाने में सोच समझकर वोट करें और बेस्ट को चुनें। यहां प्रमुख रूप से शिवबीर सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष युवा मोर्चा सुनील साहू, अंकित गुप्ता, शिवांग मिश्रा, प्रमोद विश्वकर्मा आदि उपस्थित थे।
बोले छात्र::::::
आजमगढ़ की हूं यहां वोट नहीं है
कानपुर में रहकर नीट की तैयारी कर रही हूं। वैसे मैं आजमगढ़ में रहती हूं। यहां मेरा वोट नहीं है। हालांकि, मेरी उम्र 19 साल है। एक बार अपने घर में वोट दिया है।- स्नेहा गुप्ता
मेयर को जानता हूं, पार्षद नहीं पता
मेरा मतदाता पहचान पत्र नहीं बना है। शहर की मेयर को तो जानता हूं। लेकिन मेरी क्षेत्र का पार्षद कौन है यह नहीं जानता हूं। चुनाव के बारे में ज्याद जानकारी नहीं है।- मोहम्मद अम्मान
वोट ही नहीं है कहां से डालूंगी
मेरा वोट नहीं बना है, मै रहती तो कानपुर में ही हूं। निकाय चुनाव भी है आज पता चला। मुझे इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।– स्नेहा यादव
गोरखपुर में वोट दिया है
तीन साल से कानपुर में रहकर पढ़ाई कर रहा हूं। वैसे मैं गोरखपुर का निवासी हूं। वहा पर मैंने वोट दिया है। यहां शिक्षकों ने कहा कि बैठना है तो बैठ गया।- रितेश अग्रहरी
इस बार की वोटा बना, लेकिन यहां नहीं डाल सकता
मैं इस साल की 18 साल का हुआ हूं। पहली बार मतदाता बना हूं। लेकिन मेरा वोटर आई कार्ड मऊ का है। वहीं रहता हूं। यहां तो नीट की पढ़ाई कर रहा हूं।- आमिर हस्सान
कानपुर की हूं पर वोट नहीं है
मैं कानपुर में ही रहती हूं। मेरा मतदाता पहचान पत्र अभी नहीं बना है। चुनाव के बारे में तो जानती हूं। लेकिन मैं वोट तो कर नहीं सकती। सबकों यहां बैठना था मैं भी आ गई।- आकांक्षा
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अंबेडकर नगर में दो बार दे चुके हैं वोट
यहां नीट की पढ़ाई कर रहीं अंबेडकर नगर निवासी छात्रा साधना ने कहा कि वह अपने घर में दो बार वोट दे चुकी हूं। लेकिन यहां पर पढ़ने आई हूं। मेरा वोट कानपुर में नहीं है। वहीं, शहर की निवासी दीक्षा कुमारी ने कहा कि पहचान पत्र नहीं बना है। वैसे 18 प्लस हो चुकी हूं। यहां नीट की पढ़ाई कर रही हूं।
