Pilibhit: भ्रष्टाचार से खफा अधिवक्ताओं ने तहसीलदार पर लगाए गंभीर आरोप, किया हंगामा

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Edited By Amrit Vichar
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तहसील परिसर में तहसीलदार के खिलाफ लगाए मुर्दाबाद के नारे फिर कमरे में जड़ दिया ताला

पूरनपुर, अमृत विचार। तहसीलदार पर मिलीभगत कर अवैध खनन कराने, भ्रष्टाचार में लिप्त तहसीलदार व कर्मचारियों के खिलाफ अधिवक्ताओं का आक्रोश भड़क उठा। उन्होंने तहसील पहुंचकर कई गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। उसके बाद आक्रोशित अधिवक्ताओं ने तहसीलदार के कमरे में ताला डाल दिया। मामले की सूचना पर कोतवाली पुलिस पहुंची। बमुश्किल अधिवक्ताओं को शांत कराया गया। तहसीलदार व कर्मचारियों के विरूद्ध अधिवक्ताओं में खासा रोष देखा जा रहा है।

मामला तहसील परिसर का है। जहां पर अधिवक्ताओं का आरोप है कि तहसीलदार के द्वारा जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। इतना ही नहीं अधिवक्ताओं का आरोप है कि साधारण पत्रावली कराने के नाम पर तहसीलदार व उसके कर्मचारी मोटी रकम मांगते हैं।

उन्होंने बताया कि तहसीलदार व कर्मचारी तहसील आने वाले आम जन मानस के अलावा अधिवक्ताओं से सुविधा शुल्क की मांग करते हैं। सुविधा शुल्क न देने पर उनके कार्य नहीं किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि जिले में सबसे अधिक पूरनपुर तहसील में मिट्टी का अवैध खनन तहसीलदार के संरक्षण में किया जाता है।

खनन करने वालों से मोटी रकम लेकर जमकर खनन कराया जा रहा है। रात के अंधेरे में नगर में मिट्टी खनन किया जाता है। कई बार रात के अंधेरे में तहसीलदार की गाड़ी को भी देखा गया। शनिवार को प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सक्सेना के नेतृत्व में दर्जनों अधिवक्ता तहसील पहुंचे।

अधिवक्ताओं ने तहसीलदार पर भ्रष्टाचार सहित कई गंभीर आरोप लगाकर तहसील परिसर में विरोध प्रदर्शन कर हंगामा काटा। यही नहीं तहसीलदार के खिलाफ जमकर नारे लगाए। पूरनपुर तहसील एसडीएम कोर्ट छोड़कर चले गए। आक्रोशित अधिवक्ताओं ने सभी तहसीलदार के कमरे पर ताला लगा दिया।

इस दौरान नायब तहसीलदार सहित तहसीलदार गैलरी में नजर आए। अधिवक्ताओं ने कार्रवाई की मांग की है। अधिवक्ताओं ने बताया कि इस मामले की कई बार उनके द्वारा लिखित शिकायतें की गईं। उसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शन करने वालों में मोहम्मद यूनुस खां, संजय सक्सेना, मुकेश श्रीवास्तव, नईम खां, संजय पांडे सहित दर्जनों अधिवक्ता मौजूद रहे। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। उन्होंने बमुश्किल अधिवक्ताओं को समझाया।

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