Pilibhit: अतिक्रमण पर गरजी जेसीबी, राजनीतिक दखल के बाद 24 तक फिर मिली मोहलत
रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण का मामला, 80 दुकानदारों को दिया जा चुका है नोटिस
पीलीभीत, अमृत विचार। रेलवे की जमीन पर काबिज अतिक्रमणकारियों पर जेसीबी गरजी। छह दुकानों को सख्ती करते हुए जेसीबी से ढहा दिया गया। उसके बाद राजीतिक दखल के चलते कार्रवाई टल गई। सिटी मजिस्ट्रेट ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को सुना। दुकानदारों से अपने पक्ष के कागजात दिखाने के लिए 24 मई तक का समय दिया। उसके बाद आगे की कार्रवाई की चेतावनी दी गई। रेलवे पुलिस की कार्रवाई से हड़कंप मचा रहा।
रेलवे स्टेशन चौराहा से बरहा रेलवे क्रासिंग तक रेलवे की जगह पर लंबे समय से अतिक्रमणकारी काबिज है। कइयों ने पक्की दुकानें तक बनवा रखी है। कुछ फड़ डालकर व्यापार कर रहे हैं। मछली मंडी भी संचालित की जा रही है। पहले भी कई बार इसे हटाने को लेकर प्रयास हो चुके हैं। मगर, कुछ समय के बाद दोबारा अतिक्रमणकारी काबिज हो गए। अब इसे हटवाने के लिए रेलवे के अफसर गंभीर हुए हैं।
स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण करने वाले करीब 80 लोगों के प्रतिष्ठानों पर जाकर आरपीएफ ने बीते दिनों नोटिस चस्पा किए थे। जिसमें पांच मई तक अतिक्रमण हटाने को कहा गया था। मगर, इस नोटिस के बाद भी दुकानें नहीं हटीं। नतीजतन रेलवे के अफसर सख्त हुए और शनिवार छह मई को अभियान शुरू कर दिया। आरपीएफ इंस्पेक्टर शहनबाज हुसैन भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। जेसीबी से अवैध तरीक से स्थापित की गई दुकानों को हटवाना शुरू कर दिया।
छह दुकानें सख्ती के साथ ध्वस्त कर दी गईं। इसी बीच भाजपा सांसद वरुण गांधी के प्रतिनिधि दीपक पांडेय मौके पर पहुंचे और दुकानदारों का पक्ष रखा। उसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट डा. राजेश कुमार भी मौके पर पहुंच गए। काफी देर तक बातचीत चलती रही। उसके बाद यह सहमति बनी कि दुकानदारों को खुद को सही साबित करने के लिए समय दिया जाएगा। वह 24 मई तक अपने कागजात लेकर जिम्मेदार अधिकारियों के समक्ष पेश हो। उसके बाद अतिक्रमण चिह्नित करके आगे कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से खलबली मची रही।
रेलवे की जगह पर अवैध तरीके से स्थापित की गई दुकानों को चिन्हित कर पूर्व में ही नोटिस चस्पा करके हटाने के निर्देश दे दिए गए थे। इसकी मुनादी भी कराई गई थी। अभियान चलाकर कुछ अवैध दुकानें ध्वस्त करा दी गई हैं। सांसद प्रतिनिधि के पहुंचने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट भी आ गए थे। अब 24 मई तक दुकानदारों को अपने साक्ष्य रखने के लिए समय दिया गया है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी--- शहनबाज हुसैन, इंस्पेक्टर आरपीएफ।
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