अमरोहा: घेराबंदी के दौरान हुई शावक की मौत, दो तेंदुए भागे

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Edited By Amrit Vichar
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अमरोहा, अमृत विचार। नौगावां सादात क्षेत्र में तेंदुए की घेराबंदी के दौरान शावक की मौत सिर पर चोट लगने की वजह से हुई। पैनल से कराए गए पोस्टमार्टम के बाद वन अफसरों ने जटीवन में शव जला दिया। इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है।

शुक्रवार सुबह नौगावां सादात थाना क्षेत्र के गांव बाकीपुर में  कुत्ते का शिकार करके बाजरे के खेत में छिपे तेंदुए को ग्रामीणों ने घेर लिया था। करीब सात घंटे की मशक्कत के बाद वन अफसरों ने ग्रामीणों की मदद से एक शावक को पकड़ा, जबकि तेंदुए का जोड़ा घेरेबंदी से निकलकर भाग गया था। बताया जा रहा है कि घायल हालत में मिले शावक की जटीवन ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई थी। डीएफओ सत्य प्रकाश सिंह की सूचना पर सीवीओ खुशीराम ने तीन डॉक्टरों की टीम भेजकर शावक की जांच कराई थी। 

शनिवार सुबह जटीवन स्थित वन विभाग कार्यालय में पशु चिकित्सा अधिकारी जोया डॉ. इंद्रजीत सिंह, पशु चिकित्सा अधिकारी नौगावां सादात डा.नरेंद्र सिंह पाल, पशु चिकित्सा अधिकारी इब्राहिमपुर डा.रामवीर सिंह व वन विभाग के चिकित्सक डॉ .नासिर के पैनल ने तेंदुए के शावक का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद शावक को जंगल में ही वन अफसरों की मौजूदगी में जला दिया गया। पोस्टमार्टम पैनल में शामिल डा.नरेंद्र सिंह पाल के मुताबिक शावक की मौत सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण हुई है। उसके सिर पर क्या लगा, इसकी तस्दीक नहीं हुई है।

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