Kanpur: रैमकी कंपनी की 23 करोड़ 80 लाख की बैंक गारंटी जब्त, JNNURM घोटले में जलनिगम जीएम ने की बड़ी कार्रवाई
कानपुर की रैमकी कंपनी की 23 करोड़ 80 लाख की बैंक गारंटी जब्त।
कानपुर की रैमकी कंपनी की 23 करोड़ 80 लाख की बैंक गारंटी जब्त। जेएनएनयूआरएम घोटले में जलनिगम जीएम ने बड़ी कार्रवाई की। 313 करोड़ के पेयजल लाइन बिछाने में शहर में घोटाला हुआ है।
कानपुर, [अभिषेक वर्मा]। जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण योजना (जेएनएनयूआरएम) योजना के तहत शहर में डाली गई पेयजल लाइनों में हुए घोटाले में एक और कार्रवाई हुई है। जलनिगम ने कार्यदायी कंपनी रैमकी की 23 करोड़ 80 लाख रुपये की बैंक गारंटी (जमानत राशि) को जब्त कर लिया है। कंपनी के डॉयरेक्टर अयोध्या रामी रेड्डी द्वारा जवाब न देने पर जलनिगम के जीएम ने यह कार्रवाई की है।
जेएनएनयूआरएम योजना वर्ष 2007 में शहर में शुरू हुई थी। इसके तहत कुल 869 करोड़ रुपये खर्च किए गए। योजना के तहत शहर में 313 करोड़ से डाली गई पेयजल लाइनें खोजे नहीं मिल रही हैं। काम करने वाली कंपनी रैमकी का दावा है कि उसने एक हजार किलोमीटर पाइप लाइन शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में बिछाई हैं।
लेकिन, जलनिगम के अधिकारियों की माने तो कंपनी 300 किलोमीटर का भी साक्ष्य नहीं दे पाई है। पतली लाइनों के साथ ही रबड़ पाइप लाइन भी जमीन में दफन हो गई हैं। वहीं, योजना के प्रथम चरण में पुराने क्षेत्रों के 67 वार्डों को शामिल किया गया था। इसमें 270.95 करोड़ रुपये से वाटर वर्कस, फीडर मेन लाइन, ट्रीटमेंट प्लांट, जोनल पम्पिंग स्टेशन समेत कई कार्य होने थे। अधिकारियों और कार्य कर रही कंपनी की लापरवाही से लेटलतीफी हुई और योजना की लागत बढ़ते-बढ़ते 394 करोड़ रुपये पहुंच गई।
इसी तरह दूसरे चरण में शेष बचे 33 वार्डों में 340 करोड़ से रिजरवॉयर, ओवरहेड टैंक आदि बनाने के कार्यों को शामिल किया गया। इस प्रोजेक्ट में भी जमकर अनियमितता बरती गई और लेटलतीफी की वजह से से लागत 475 करोड़ से अधिक हो गई। जिससे शहर पेयजल समस्या बनी हुई है। घोटाले के आरोप में इससे पहले जलनिगम के 24 अभियंताओं पर मुकदमा हो चुका है।
लखनऊ के कमर्शियल कोर्ट में मामला
जानकारी के मुताबिक, हैदराबाद की कंपनी को जलनिगम ने पिछले दिनों पत्र लिखकर जानकारी मांगी थी। वहीं, जलनिगम ने घोटाले के आरोप में कंपनी के ऊपर कार्रवाई करने के लिए शासन को भी लिखा था। कंपनी द्वारा इस मामले में लखनऊ की कमर्शियल कोर्ट में रिट भी दायर की गई है। कंपनी की ओर से कहा गया है कि विभाग उन्हें समय नहीं दे रहा है। जबकि जलनिगम जीएम ए एस भाटी की माने तो 15 साल बाद भी कंपनी समय मांग रही है। शहर में कार्य मानक के अनुरूप नहीं किया गया। जिससे आज भी जनता पानी के लिए परेशान हो रही है। जगह-जगह पाइप लाइन फट रही हैं।
