लखनऊ: दूसरे विभागों में जमे रोडवेज के ड्राइवर बुलाए जाएंगे
लखनऊ। रोडवेज में तैनात प्राशसनिक अधिकारियों का तबादला हुआ तो ड्राइवर भी साथ में लेकर चले गए। लखनऊ क्षेत्र के ऐसे 80 के करीब ड्राइवर विभिन्न विभागों में वर्षों से जमे हैं। ये ड्राइवर वापस आना भी नहीं चाहते। क्योंकि आने के बाद बस चलानी होगी। जबकि इन ड्राइवरों को हर महीने वेतन रोडवेज दे …
लखनऊ। रोडवेज में तैनात प्राशसनिक अधिकारियों का तबादला हुआ तो ड्राइवर भी साथ में लेकर चले गए। लखनऊ क्षेत्र के ऐसे 80 के करीब ड्राइवर विभिन्न विभागों में वर्षों से जमे हैं। ये ड्राइवर वापस आना भी नहीं चाहते। क्योंकि आने के बाद बस चलानी होगी। जबकि इन ड्राइवरों को हर महीने वेतन रोडवेज दे रहा। अब ऐसे ड्राइवरों की सूची तैयार करके वापस बुलाए जाने की तैयारी है।
कोरोना काल में यात्रियों की कमी से रोडवेज की आर्थिक स्थिति पटरी से उतरती नजर आ रही है। यही वजह है कि परिवहन निगम प्रशासन अब फालतू के खर्चों में कटौती करने जा रहा है। इसी क्रम में हर महीने दो करोड़ से अधिक बिना काम के दिए जा रहे वेतन पर लगाम लगाने की तैयारी है। ताकि बिना काम किए जा रहे खर्चों को कम करके आर्थिक स्थिति को सुधारा जा सके।
मुख्यालय से लेकर विभाग में है तैनात क्षेत्रीय प्रबंधक पल्लव बोस बताते हैं कि लखनऊ क्षेत्र कैसरबाग डिपो के सबसे ज्यादा 50 ज्यादा चालक परिवहन आयुक्त कार्यालय से लेकर मुख्यालय तक और विभिन्न विभागों में तैनात हैं। ये चालक नियमित हैं। इन्हें हर महीने चार हजार किमी. बस चलाना जरूरी है। पर, यहां तो बिना बस चलाए हर महीने करोड़ों रुपये वेतन देने की मजबूरी बन गई है।
