अयोध्या: पंचायत भवन में चल रहा था अवैध मदरसा, गलत रिपोर्ट पर फंसे कानूनगो और लेखपाल
सीजेएम कोर्ट ने दिया परिवाद दर्ज करने का आदेश
पूराबाजार/ अयोध्या, अमृत विचार। सोहावल तहसील की बभनगवा ग्राम पंचायत के पंचायत भवन पर अवैध रूप से चल रहे मदरसे के मामले में गलत रिपोर्ट देने में एक पूर्व कानूनगो और लेखपाल फंस गए हैं। कब्जेदारों के पक्ष में गलत रिपोर्ट देने के मामले में सीजेएम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए सोहावल तहसील के लेखपाल आसाराम यादव व पूर्व कानूनगो ओम प्रकाश सिंह के विरुद्ध कूटरचना पत्र तैयार करने, सरकारी पद का दुरूपयोग मामले में परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया है।हालांकि कानूनगो ओम प्रकाश सिंह रिटायर्ड हो गए हैं।
सोहावल तहसील के अंतर्गत बभनगवां गांव में नया पंचायत भवन बनना था। पंचायत भवन के नाम गाटा संख्या 101 सुरक्षित भूमि थी। जिस पर मदरसा बना कर अवैध कब्जा कर रखा गया था। ग्रामीणों ने कई बार भूमि खाली कराने की शिकायत व भूमि पर पंचायत भवन बनने की मांग की थी। जिलाधिकारी से लेकर शासन तक शिकायत की गई थी। बताया जाता है कि लेखपाल आशाराम यादव व पूर्व कानूनगो ओम प्रकाश सिंह द्वारा कब्जेदारों के पक्ष में रिपोर्ट भेजी जाती थी। इस फर्जीवाड़े को लेकर सीजेएम कोर्ट में मामले की चुनौती दी गयी। जिस पर सुनवाई करते हुए सीजेएम कोर्ट मुख्य न्यायाधीश प्रशांत कुमार शुक्ला ने मामले में लेखपाल आशाराम यादव व पूर्व कानूनगो ओम प्रकाश सिंह के खिलाफ परिवाद दर्ज करने का आदेश दे दिया है। सीजेएम कोर्ट में राम प्रसाद तिवारी के प्रार्थना पत्र की पैरवी अधिवक्ता विजय कुमार कर रहे थे।
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