मुरादाबाद: फ्लैट के बहाने टेंट हाउस मालिक से हड़पे 31 लाख

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मुरादाबाद, अमृत विचार। फ्लैट दिलवाने के नाम पर टेंट हाउस संचालक से दो लोगों ने करीब 31 लाख रुपए हड़प लिए। बैनामा कराने का नंबर आया तो दोनों टालने लगे। बाद में रकम वापस करने पर समझौता हुआ तो पहले लाकडाउन का बहाना बनाया फिर बाउंस चेक थमा दिए। बाद में रकम वापस मांगने पर …

मुरादाबाद, अमृत विचार। फ्लैट दिलवाने के नाम पर टेंट हाउस संचालक से दो लोगों ने करीब 31 लाख रुपए हड़प लिए। बैनामा कराने का नंबर आया तो दोनों टालने लगे। बाद में रकम वापस करने पर समझौता हुआ तो पहले लाकडाउन का बहाना बनाया फिर बाउंस चेक थमा दिए। बाद में रकम वापस मांगने पर धमकाने लगे। पीड़ित टेंट हाउस संचालक ने दोनों के खिलाफ सिविल लाइंस कोतवाली में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करा दिया है।

सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के ग्राम भीमाठेर-किशनपुर निवासी फारूख खान टेंट हाउस संचालक है। उनका कहना है कि करीब दस माह पहले उनके गांव के ही जाकिर ने उससे कहा कि हड्डी मिल के पीछे सोनकपुर में उसने अपने पार्टनर भोला सिंह की मिलक निवासी विमल के साथ मिलकर फ्लैट बनवाएं हैं। अब वह सस्ते दामों में अच्छी लोकेशन में फ्लैट बेच रहे हैं। भरोसे में आकर उसने आठ लाख रुपर प्रति फ्लैट के हिसाब से तीन फ्लैट खरीदने का सौदा तय कर दिया। तीन सितंबर 2019 को पंजाब नेशनल बैंक सिविल लाइंस की शाखा से जाकिर के खाते में चार लाख चालीस हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। जबकि करीब साढ़े चार लाख रुपए के दो चेक दिए।

इसके अलावा कुछ समय के भीतर ही शेष रकम भी उनको दे दी। इसके बाद बैनामा कराने की बात आई। फारूख खां के अनुसार पांच नवंबर 2011 को जाकिर उनके पास आया तो दो बैनामों पर मेरे और पत्नी शबाना के हस्ताक्षर व अंगूठा लगवाकर ले गया। बाद में आनलाइन बैनामा कराने की बात कहते हुए रजिस्ट्री कार्यालय बुलाया। साथ ही कहा कि तीसरे फ्लैट के बैनाम पर वहीं पर हस्ताक्षर व अंगूठा लगवा लेंगे।

नहीं पहुंचे बैनामा कराने, थमा दिए बाउंस चेक
फारूख के अनुसार तय दिन जाकिर बैनामा कराने नहीं पहुंचा। संपर्क किया तो बोला कि बाद में बैनामा करा देंगे। काफी समय बाद उसने कहा कि पार्टनर विमल दस लाख रुपए में फ्लैट बेचने की बात कह रहा है। जिस पर फारूख प्रति फ्लैट दो लाख रुपए और देने को तैयार हो गया। आरोप है कि बात होने के बाद भी दोनों ने बैनामा नहीं कराया। जानकारी करने पर मालूम हुआ कि जिन फ्लैट का सौदा उसके साथ हुआ था, उनका इकरार नामा पहले ही अमरपाल व प्रेमपाल के नाम हो रखा है। फारूख ने जब रकम वापस करने का दबाव डाला तो उन्होंने करीब तीस लाख के दो चेक थमा दिए। जो एकाउंट में लगाते ही रकम न होने के कारण बाउंस हो गए। आरोप है कि बाद में दोनों रकम देने से मुकर गए। इस मामले में एसएसपी के आदेश के बाद जाकिर और विमल के खिलाफ सिविल लाइंस कोतवाली में धोखाधड़ी

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