निभाया फर्ज : बेटी ने पिता को दी मुखाग्नि, आवास विकास कालोनी का मामला
लंबे समय से बीमार चल रहे थे पिता, दो बेटी हर्षिता और सृष्टि निजी स्कूल में नौकरी करके चला रहीं परिवार
सीता रोड स्थित श्मशान घाट पर पिता को मुखाग्नि देती बेटी हर्षिता।
चन्दौसी (संभल), अमृत विचार। आज के दौर में बेटियां बेटों से पीछे नहीं हैं। देश की सीमा से लेकर हर क्षेत्र में बेटियां नाम रोशन कर रही हैं। वहीं बेटा न होने पर अब बेटियां मुखाग्नि तक दे रही हैं। ऐसा ही एक मामला बुधवार को प्रकाश में आया।
नगर के सीता रोड स्थित श्मशान घाट में बेटा न होने पर बेटी ने ही बेटे का फर्ज निभाते हुए पिता को मुखाग्नि दी। मामला शहर में चर्चा का विषय बना रहा। आवास विकास निवासी अशोक श्रीवास्तव (65) का कोई बेटा नहीं है। दो बेटिंया हर्षिता श्रीवास्तव और सृष्टि श्रीवास्तव निजी स्कूल में शिक्षक हैं। पिता की लंबे समय से बीमारी के चलते बेटियां ही घर की जीविका चलाने में मदद कर रही हैं। लंबी बीमारी के चलते मंगलवार की देर रात अशोक श्रीवास्तव की सांसें थम गईं।
बुधवार की सुबह घर पर रिश्तेदारों का तांता लग गया। वहीं बेटा नहीं होने पर पिता का अंतिम संस्कार करने की बात आई। इस पर बड़ी बेटी हर्षिता ने पिता को मुखाग्नि देने का मन बनाया। शव यात्रा के साथ सीता रोड स्थित श्मशान घाट पहुंच कर उसने पिता को मुखाग्नि दी। पिता के अंतिम संस्कार के बाद होने वाले अन्य कार्य भी हर्षिता ही करेगी। बेटी द्वारा पिता को मुखाग्नि देने का शहर में यह पहला मामला नहीं है। लेकिन फिर भी यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना रहा।
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