बरेली: अब यूनिफार्म की पैकिंग को लेकर उठे सवाल
बरेली,अमृत विचार। यूनिफार्म प्रकरण में बड़े नेताओं का हाथ होने की खबर छपने के बाद जब मामला गरमाया तो मंगलवार को एक और नए मामले ने तूल पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा बांटी जाने वाली यूनिफार्म बिना पैकिंग के ही दी जाती है। जबकि इन दिनों जिन स्कूलों में …
बरेली,अमृत विचार। यूनिफार्म प्रकरण में बड़े नेताओं का हाथ होने की खबर छपने के बाद जब मामला गरमाया तो मंगलवार को एक और नए मामले ने तूल पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा बांटी जाने वाली यूनिफार्म बिना पैकिंग के ही दी जाती है। जबकि इन दिनों जिन स्कूलों में यूनिफार्म बांटी जा रही है उसमें से अधिकांश स्कूलों में यूनिफार्म पूरी तरह से रेडिमेड तरीके से पैक की गई है। ऐसे में जब स्वयं सहायता समूह पैकिंग करके नहीं देते तो यह पैक यूनिफार्म आ कहां से रही है।
शिक्षक नेताओं के इस आरोप के बाद जब अलग-अलग स्वयं सहायता समूहों से बात की गई तो उन्होंने भी यूनिफार्म पैक न करके देने की बात कही। स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों का कहना है कि वह स्कूल से बच्चों का नाप लेकर आते हैं। कपड़ा उन्हें शिक्षकों द्वारा दिया जाता है। वह नाप के अनुसार बच्चों की यूनिफार्म सिलकर एक गठरी बनाकर पहुंचा देते हैं। स्कूल की यूनिफार्म को पैक करके नहीं देते हैं।
वहीं, शेरगढ़ के एक स्कूल के प्रधानाचार्य ने बताया कि स्वयं सहायता समूह यूनिफार्म को पैक करके देने के लिए बाध्य नहीं हैं। मगर उन्होंने अपने स्कूल में स्वयं सहायता समूह से यूनिफार्म पैक करके देने के लिए ही कहा था। इसके बाद उन्हें पैक करके यूनिफार्म दी गई।
जिन्हें करनी हैं जांच वहीं बैठे हैं आंखें बंद किए हुए
शिक्षक नेताओं का आरोप है कि हर स्कूल में यूनिफार्म बंटते समय फोटो खींचे जाते हैं। वह फोटो शिक्षकों और अधिकारियों के ग्रुपों में डाले जाते हैं। इसमें साफ तौर पर पैक की हुई यूनिफार्म दिखाई देती है। लेकिन आज तक किसी भी अधिकारी ने यह सवाल नहीं उठाया कि जब स्वयं सहायता समूह यूनिफार्म पैक करके नहीं देते हैं तो रेडिमेड पैकिंग की यूनिफार्म कहां से आई।
