Kanpur में एयरफोर्स इंजीनियरिंग कालेज खुलने की उम्मीद बढ़ी, सांसद सत्यदेव पचौरी के पत्र में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का आश्वासन
कानपुर में एयरफोर्स इंजीनियरिंग कालेज खुलने की उम्मीद बढ़ी।
कानपुर में एयरफोर्स इंजीनियरिंग कालेज खुलने की उम्मीद बढ़ी। 1996 में पूर्व रक्षामंत्री मुलायम सिंह ने चकेरी में आधारशिला रखी थी। पूर्व चीफ ऑफ एयरस्टाफ सरीन समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे थे। कानपुर के पूर्व एयरमार्शल आरसी वाजपेयी ने कार्ययोजना बनायी थी।
कानपुर, [महेश शर्मा]। बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट एयरफोर्स इंजीनियरिंग कॉलेज के एक बार फिर खुलने की संभावना दिखने लगी है। बताया जाता है कि भाजपा सांसद सत्यदेव पचौरी के पत्र पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मामले को देखकर सूचित करने का आश्वासन दिया है। यह कॉलेज धरातल पर आने के बाद कानपुर पूरी तरह से डिफेंस हब बन जाएगा। लड़ाकू और यात्री विमानों के लिए स्किल्ड इंजीनियर्स अब कानपुर में ही तैयार होने लगेंगे।

एयर मार्शल आरसी वाजपेयी (रिटायर)
मोदी-योगी राज में औद्योगिक शहर कानपुर विकास की नयी करवट ले रहा है। आयुध निर्माणी, फील्डगन, लघु शस्त्र निर्माणी, ओईएफ, पैराशूट फैक्ट्री, केंद्रीय आयुध डिपो (सीओडी), हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, चकेरी एयरफोर्स स्टेशन, 4 बीआरडी व 1 बीआरडी, आईआईटी (कानपुर), डीएसएसआरडीई यहां पर पहले से ही हैं और अब डिफेंस कॉरीडोर स्थापित होने के बाद कानपुर डिफेंस हब के रूप में चर्चित हो जाएगा। ऐसे में एयरफोर्स इंजीनियरिंग कॉलेज जिसकी आधारशिला तत्कालीन रक्षामंत्री मुलायम सिहं यादव ने 1996 में रखी गयी थी, एक बार फिर इसके चालू होने की चर्चा है।
पूर्व एयरमार्शल आरसी वाजपेयी ने बताया कि सरकार बदलते ही यह प्रोजेक्ट बंगलूरू ले जाया गया पर वहां पर कोई प्रगति नहीं हुई। अभी तक यह कागजों पर ही है। इसकी जरूरत कानपुर को है। वह खुद इस बाबत रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मिल चुके हैं। सांसद सत्यदेव पचौरी की जानकारी में यह मामला अमृत विचार पत्र के माध्यम से लाया गया तो उन्होंने प्रयास तेज कर दिेए।

सांसद सत्यदेव पचौरी
पूर्व एयरमार्शल वाजपेयी का कहना है कि देश में बीते पांच दशकों से टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति को और बल मिलेगा। वह कहते हैं कि 1980के दशक में भारत ने भी कई क्षेत्रों में नवीनतम टेक्नोलॉजी पर आधारित उपकरणों के निर्माण में जैसे न्यूक्लियर सबमैरीन, अवाक्स सिस्टम फाइटर प्लेन, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर उपकरणों आदि पर काम शुरू कर दिया गया था जो आगे बढ़ाया जा रहा है।
उनका कहना है कि भारतीय सेनाओं ने भी अपने अपने क्षेत्रों में इंजीनियरिंग कालेज को स्थापित करने की योजना बनाई ताकि उनकी सेनायें उच्चतम शिक्षा प्राप्त कर के आधुनिक उपकरणों के रख रखाव में पूर्णरूप से सक्षम रहें। साथ ही डीआरडीओ, एचएएल, भेल तथा प्राइवेट सेक्टर को भी प्रशिक्षित इंजीनियर उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि शीघ्र ही आर्मी तथा नैवी को सरकार की स्वीकृति मिल गई और उन्होंने प्रशिक्षण शुरू कर दिया, पर दुर्भाग्य वश एयरफोर्स को अब तक यह पूर्ण स्वीकृति नहीं मिल पाई।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह
खास बातें
- वर्ष 1996 मे स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव तब रक्षा मंत्री थे और एयर मार्शल आरसी वाजपेयी हेडक्वॉर्टर मेंन्टीनेंस कमांड के एयर आफिसर कमांडिंग इन चीफ थे। रक्षामंत्री ने बाजपेयी को जरूरी ब्रीफिंग के लिये दिल्ली बुलाया। उचित अवसर पाकर उन्होंने कानपुर में एयर फोर्स इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना पर सहमति प्राप्त कर ली। चकेरी एयर फोर्स स्टेशन में विशाल एयरफोर्स मेंन्टीनेंस बेस है।
- वहां दो बेस रिपेयर डिपो, एक इक्विपमेंट डिपो, एंजिन टेस्ट बेड, इंस्ट्रूमेंट रिपेयर फैसिलिटी, एयरक्राफ्ट फैसिलिटी एयर एक्सपीरियंस के लिए मौजूद हैं। बहुत अधिक संख्या में इंजीनियर्स तथा टेक्नीशियन हमेशा मौजूद हैं। मौखिक स्वीकृति के बाद एयरमार्शल वाजपेयी ने फौरन तत्कालीन एयर चीफमार्शल एसके सरीन को इंजीनियरिंग कॉलेज की रक्षा मंत्री की स्वीकृति के बारे में अवगत कराया।
- कैबिनेट एप्रवूलन के बाद अक्टूबर 1996 मे 36 वर्षों से अधिक सेवा के पश्चात एयर मार्शल आर सी बाजपेयी सेवा निवृत्त हो गये।
माननीय रक्षा मंत्री ने मार्च 1997 में कानपुर मे कॉलेज का शिलान्यास किया गया। चार सीनियर अफसरों की पोस्टिंग तथा अंतरिम चार करोड़ की स्वीकृति प्रदान की।
- इसी बीच सरकार गिर गई और अटलजी की सरकार बनी। जॉर्ज फर्नांडिस रक्षा मंत्री हुए। इस दौरान कानपुर का एयरफोर्स इंजीनियरिंग कॉलेज का प्रोजेक्ट बंगलूरू शिफ्ट करा दिया।
- पूर्व एयरमार्शल वाजपेयी ने प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी को पूरे मामले से अवगत कराया। अटलजी ने कैबिनेट कमेटी गठित कर दी, जिसमें रक्षा मंत्री, वित्त मंत्री और स्वयम प्रधानमंत्री थे। पर सफलता नहीं मिली। रक्षामंत्री माननीय राजनाथ सिंह की जानकारी में पूरा मामला है।
- सांसद सत्यदेव पचौरी के प्रयास एक बार फिर रक्षामंत्री आश्वासन दिया है। पचौरी ने बताया कि उन्हें उम्मीद है कि उनके प्रस्ताव पर सरकार सकारात्मक विचार करेगी।
