Mahoba: पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों ने चरखारी मार्ग किया जाम, दो घंटे फंसे रहे वाहन, खाली बर्तन लेकर किया प्रदर्शन
महोबा में पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों ने चरखारी मार्ग जाम किया।
महोबा में पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों ने चरखारी मार्ग जाम किया। दो घंटे तक जाम लगा रहने से तमाम वाहन फंसे रहे। जिससे यात्रियों को भी दिक्कत हुई।
महोबा, अमृत विचार। गर्मी बढ़ने के साथ ही पेयजल संकट बढ़ने लगा है पानी को लेकर हाय तौबा मची है लोग पानी के लिए इधर उधर भटक रहे हैं। विकासखंड चरखारी के ग्राम रिवई में एक माह से पेयजल आपूर्ति बाधित होने से नाराज ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर चरखारी खरेला मार्ग जाम कर दिया। ग्रामीण हाथ में बाल्टी और घड़े लेकर सड़क पर पहुंच गए,और सड़क पर बैठकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर पेयजल समस्या का निराकरण कराए जाने की मांग की।
मौके पर पहुंचे कोतवाली प्रभारी निरीक्षक चरखारी ने पहले ग्रामीणों पर डंडे चलाकर दबाव में लेना चाहा, लेकिन ग्रामीण एकजुट हो गए। मामला बिगड़ता देख कोतवाल ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर दो दिन के अंदर पानी की आपूर्ति कराए जाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में चरखारी एसडीएम श्वेता पांडेय और एमएलसी जीतेंद्र सिंह सेंगर से शिकायत कर पानी समस्या से निजात दिलाए जाने की मांग की थी।
एमएलसी और एसडीएम ने जल्द पेयजल आपूर्ति शुरू कराने की बात कही थी। इसके बाद भी आपूर्ति शुरू नहीं हुई। इससे नराज गांव के त्रिलोक, पीयूष, रामनारायण, बच्चा सिंह, कन्याण सिंह, केशर सिंह सहित दर्जनों की संख्या में पुरुष महिलाए और युवकों ने रिवई चौकी के सामने खाली बर्तन लेकर चरखारी खरेला मार्ग जाम कर दिया, और प्रशासन के खिलाफ नारोबाजी करने लगे। करीब दो घंटे तक जाम लगा रहा। जिससे मोहब्बत है मुंह चरखारी बाया होते हुए खरेला मुस्कुरा हमीरपुर आने जाने वाले लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा सभी वाहन जाम में फंसे रहे।
भीषण गर्मी के मौसम में 2 घंटे तक जाम लगा रहने टीवीशक्कत करनी पड़ी कोई पानी तो कोई चाय के लिए परेशान दिखाई दिया दूर दूर तक दुकानें ना होने से छोटे-छोटे बच्चे पानी को लेकर चीखते चिल्लाते रहे बसों और बहनों में बच्चों का रोना पीटना मचा रहा 44 डिग्री तापमान के बीच सड़क पर खड़ी बसों में बैठे यात्री गर्मी से पसीना पसीना हो गए बाद में सूचना पर भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर किसी तरह जाम खुलवाया खबर मिलते ही चरखारी कोतवाल भारी पुलिस बल लेकर पहुंच गए। प
हले तो पुलिस ने कुछ लोगों पर दबाव बनाने के लिए डंडे चलाए। जिससे ग्रामीण उग्र हो गए। तब कोतवाल ने ग्रामीणों को समझाया और दो दिन पेयजल आपूर्ति शुरू कराने का आश्वासन दिया इसके बाद जाम खुल सका। ग्रामीणों ने कहा कि यदि दो दिन में आपूर्ति नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
