संभल: कार व 15 लाख रुपए नहीं मिलने तो शादी से किया इंकार, दहेज उत्पीड़न में 12 पर रिपोर्ट दर्ज

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

वर पक्ष ने युवती व उसके परिजनों के साथ घर में की मारपीट

संभल/चन्दौसी, अमृत विचार। दहेज में कार व 15 लाख रुपये नगद नहीं देने पर ससुराल पक्ष ने शादी से इंकार कर दिया। युवती ने सात नामजद समेत 12 लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

प्रगति विहार कॉलोनी निवासी ज्योति का आरोप है कि 21 मई को उसकी शादी शीशपाल सिंह निवासी गांव नगला नाई थाना छतारी जिला बुलंदशहर, हाल निवासी नगर निगम पानीपत की सीएफसी शाखा पानीपत के साथ तय हुई थी। दोनों पक्षों की ओर से गांव मौसमपुर थाना अतरौली जिला अलीगढ़ निवासी महेंद्र ने मध्यस्थता की थी। 

दोनों परिवारों की सहमति के बाद गोद भराई की रस्म 17 फरवरी को वशीघाट नरबर थाना नरौला बुलंदशहर में हुई। इसमें लड़की पक्ष ने शीशपाल, उसके परिवार तथा रिश्तेदारों को 1100-1100 रुपये नगद व एक-एक चांदी का सिक्का भेंट किया था। इसके बाद 23 मार्च को शीशपाल को 551000 रुपये, सोने की चैन व अंगूठी दी। इसके अलावा रिश्तेदारों को 20 जोड़ी साड़ी, 15 जोड़ी पेंट-शर्ट, पांच जोड़ी जींस, पांच जोड़ी कुर्ता, सास को सोने की अंगूठी, चांदी की पाजेब आदि सामान दिया।

 ज्योति के अनुसार सात मई की दोपहर शीशपाल, उसकी बहन सीमा व अन्य परिजन उसके घर आए और शादी में कार तथा 15 लाख रुपये की मांग की। इंकार करने पर ज्योति व उसके परिजनों के साथ मारपीट की। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने शीशपाल, मधु, वर्षा, प्रीति, मुन्नी देवी, सीमा तथा पांच अज्ञात के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कर लिया है।

ये भी पढ़ें:- संभल : बिजली समस्या को लेकर एक्सईएन दफ्तर आए किसानों पर गार्ड ने तानी बंदूक, हंगामा

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज

सीतापुर में 7 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त, फर्जी मार्कशीट के आधार पर पाई थी नौकरी
गंगाराम की मौत पर रोया पूरा गाँव, नहीं जला घर का चूल्हा, 130 सालों तक तालाब में रहने की क्या है कहानी; NCERT के पाठ्यक्रम में शामिल
NEET विवाद पर छात्रों के समर्थन में आए वरुण धवन और नोरा फतेही, बोले- हर छात्र निष्पक्ष और भरोसेमंद व्यवस्था का हकदार
Parliament Monsoon Session Day 5: लोकसभा की कार्यवाही 27 जुलाई तक स्थगित, किरण रिजिजू बोले- NEET पर चर्चा जरूरी, देश को सही संदेश जाना चाहिए
''छात्रों को धमकाने की हिम्मत कैसे हुई?'' , राहुल गांधी का सरकार पर हमला, कहा- छात्रों को लोकतांत्रिक अधिकारों से नहीं डराया जा सकता