बरेली: चलता-फिरता अस्पताल....बीमार पशुओं का कर रहा इलाज
बरेली, अमृत विचार। चलते-फिरते अस्पताल यानी मोबाइल वेटनरी यूनिट से पशु पालकों के बीमार पशुओं को घर की चौखट पर इलाज मिल रहा है। पशु पालकों को सिर्फ 1962 टोल फ्री नंबर पर कॉल करनी होती है। एक घंटे के अंदर टीम उन तक पहुंच जाती है। खास बात है कि इलाज के नाम पर नाममात्र पंजीकरण शुल्क लिया जा रहा है। बीमार गाय-भैंस के पांच तो कुत्ता-बिल्ली के इलाज के 10 रुपये लिए जाते हैं। इन रुपयों में ही इंजेक्शन से लेकर दवा भी मुहैया करा दी जाती है। एक अप्रैल से अब तक 195 बीमार पशुओं का इलाज किया जा चुका है।
सीवीओ डॉ. मेघश्याम के मुताबिक 1 अप्रैल से जनपद को मिली सभी नौ मोबाइल वेटनरी यूनिट सड़कों पर दौड़ रही हैं। बीमार पशुओं का इलाज किया जा रहा है। इनमें कुत्ता, बिल्ली भी शामिल हैं। नोडल अधिकारी/पशु चिकित्सक डॉ. ओपी वर्मा ने बताया कि बहेड़ी, क्यारा, फतेहगंज पश्चिमी, मीरगंज, रामनगर, भमोरा, फरीदपुर, क्योलड़िया और नवाबगंज में एक-एक मोबाइल वेटनरी यूनिट की तैनाती की गई है। कंट्रोल रूम से सूचना प्राप्त होने के एक घंटे के भीतर मोबाइल वेटनरी यूनिट पशुपालक के यहां पहुंच जाती है। जरूरत पड़ने पर पशु को नजदीक के अस्पताल भी लाया जाता है। पूरी तरह स्वस्थ होने पर पशु को घर भेजा जाता है, इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता।
मोबाइल वेटनरी यूनिट से मिल रहा लाभ
पिछले महीने सरकार की ओर से शुरू की गई मोबाइल वेटनरी यूनिट पशुपालकों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। तहसील और ब्लाक में इनके तैनात करने की पहल अच्छी है। इससे हर साल सैकड़ों पशु मौत के मुंह से बाहर निकलेंगे।-लेखराज राजपूत, ग्राम प्रेमपुर खजुरिया, फतेहगंज पश्चिमी, पशुपालक
रिस्पांस टाइम को थोड़ा कम किया जाए
मोबाइल वेटनरी यूनिट का रिस्पांस टाइम एक घंटा है। इसे थोड़ा कम करना चाहिए। इसके साथ ही इसकी तैनाती विकासखंड वार की जानी चाहिए, क्योंकि बीमार पशुओं को अस्पताल ले जाने में कठिनाई होती है। नजदीक से चिकित्सक जल्दी पहुंच जाएंगे।-विजयपाल गंगवार, नगरिया कलां, पशुपालक
ये भी पढ़ें- बरेली: स्कूल वैन में चालक ने छात्रा से की छेड़छाड़, रिपोर्ट
