रामपुर: घपलों में फंसे डीसी मनरेगा, ग्राम्य विकास आयुक्त के आदेश पर सीडीओ ने किया जवाब-तलब
रामपुर, अमृत विचार। घपलों में फंसे डीसी मनरेगा का ग्राम्य विकास आयुक्त के आदेश पर मुख्य विकास अधिकारी ने जवाब तलब किया है। मनरेगा के सूचना पट्ट की धनराशि 8,64, 960 रुपये अपने परिचित के खाते में हस्तांतरित कराने में उनकी मजिस्ट्रेटियल जांचभी हो चुकी है।
आयुक्त ग्राम्य विकास ने अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास को भेजे पत्र में वित्तीय अनियमित्ता एवं अनुश्रवण के लिए दोषी तत्कालीन जिला विकास अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी चमरौआ अतिरिक्त प्रभार एवं वर्तमान उपायुक्त मनरेगा के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही। इस मामले में आरटीआई एक्टिविस्ट मिसरयार खां ने सूचना मांगी थी। के तहत जानकारी मांगी गई थी।
आरटीआई में जानकारी मांगी गई थी मंशाराम यादव वर्तमान में उपायुक्त मनरेगा द्वारा आईएसओ प्रमाण पत्र प्राप्त करने में शासकीय धन के दुरुपयोग, रुपये लेकर कर्मचारियों के स्थानांतरण एवं खंड विकास अधिकारी चमरौआ के अतिरिक्त प्रभार पर रहते हुए मनरेगा योजना के तहत जन सूचना पट्ट की धनराशि 8 लाख 64 हजार 960 रुपये नारी शक्ति स्वयं सहायता समूह के खाते से अपने किसी परिचित के खाते में हस्तांतरित कराकर शासकीय धन के गबन की जांच की मांग की गई थी। इस मामले में उपायुक्त मनरेगा मंशाराम यादव ने बताया कि मजिस्ट्रेटियल जांच हो चुकी है। उन पर बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं।
मुख्य विकास अधिकारी रामपुर के पत्र 10 नवंबर 2022 एवं 5 अप्रैल 2023 में उल्लिखित है कि पूर्व जिला विकास अधिकारी मंशाराम यादव वर्तमान में उपायुक्त मनरेगा द्वारा आईएसओ प्रमाण पत्र प्राप्त करने में शासकीय धन के दुरुपयोग एवं रुपये लेकर कार्मिकों के स्थानांतरण से संबंधित शिकायती पत्रों के प्रथम एवं द्वितीय बिन्दु की जांच परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण रामपुर से कराई गई थी जिसके मुताबिक ग्राम विकास अधिकारियों, लिपिकों , लेखाकारों आदि के स्थानांतरण तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी के अनुमोदन के उपरांत किए गए हैं। इसमें किसी भी कर्मचारी या अधिकारियों द्वारा कोई शिकायत नहीं की गई है और आईएसओ की कार्रवाई व्यापक कार्यहित में की गई है। आरटीआई एक्टिविस्ट द्वारा शिकायती पत्रों के बिन्दु एक और दो में लगाए गए आरोप साक्ष्यों के अभाव में बलहीन पाए गये हैं।
सत्यापन में 22 कार्यों पर नहीं पाए गए थे बोर्ड
शिकायतकर्ता मिसरयार खां का आरोप है कि उपायुक्त मनरेगा द्वारा नारी स्वयं सहायता समूह के खाते से 864960 रुपये का भुगतान 24 नवंबर 2021 को किया गया है कि जोकि अकबल कंस्ट्रक्शन कंपनी का बताया गया है। आरोप है कि उपायुक्त मनरेगा मंशाराम यादव द्वारा नारी स्वयं सहायता समूह के खाते में 864960 रुपये अपने किसी परिचित के खाते में ट्रांसफर करा दिए गए है। ऐसा कोई साक्ष्य जांच के दौरान प्रस्तुत नहीं किया गया है। जबकि समूह एवं फर्म के मध्यम धनराशि के हस्तांतरण के तथ्य पत्रावली पर उपलब्ध हैं।
उप जिलाधिकारी सदर रामपुर की सत्यापन आख्या में 101 एवं खंड विकास अधिकारी चमरौआ की सत्यापन आख्या में 22 कार्यों पर बोर्ड लगा होना नहीं पाया गया है जिनके लिए कार्यों क पर्यवेक्षण का आरोप लगा है। कहा गया है कि पूर्व जिला विकास अधिकारी रामपुर, तत्कालीन खंड विकास अधिकारी चमरौआ अतिरिक्त प्रभार सम्प्रति उपायुक्त मनरेगा मंशाराम यादव को पर्यवेक्षणीय दायित्वों में उदासीनता बरतने एवं अनुश्रवण में लापरवाही के लिए उत्तरदायी हैं। इसके मद्देनजर मंशाराम यादव के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने की संस्तुति की गई है।
शासन की धनराशि का दुरुपयोग कहीं नहीं किया गया है। इस मामले में पहले भी जवाब दिया जा चुका है। अब शासन द्वारा हमारा पक्ष सुना जाएगा इसके लिए जवाब शासन को भेज दिया जाएगा। -मंशाराम यादव, उपायुक्त मनरेगा
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