बरेली: कफन नोचने वाले..! बर्बाद किसान को मिले 30 हजार, झटक लिए 10 हजार
बरेली/ भोजीपुरा, अमृत विचार। सरकारी तंत्र में रिश्वतखोरी की फितरत किस कदर बेरहमी की हदें पार कर चुकी है, बहेड़ी में लेखपाल की गिरफ्तारी के साथ एक बार फिर यह जाहिर हो गया। हथमना के किसान दलजीत सिंह की बारिश में एक लाख से ज्यादा की फसल नष्ट हो गई थी, लेकिन शासन से सिर्फ 30 हजार मुआवजा मिला।इसमें से भी लेखपाल ने उनसे 10 हजार झटक लिए। बेमौसम हुई बारिश ने इस बार जिले में हजारों किसानों को बर्बाद कर दिया।
शासन के निर्देश पर नष्ट हुई फसलों का सर्वे शुरू हुआ, तभी ये शिकायतें भी सामने आने लगीं कि लेखपाल उन्हीं किसानों की फसलों का सर्वे कर रहे हैं, जो उनकी फरमाइश पूरी कर रहे हैं। हालांकि अफसरों ने इन शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया। दलजीत सिंह के मुताबिक उनके इलाके के लेखपाल धर्मेंद्र सिंह ने भी उनसे सूची में उनका नाम भेजने के बदले 25 हजार रुपये की मांग की थी। उम्मीद थी कि दलजीत को करीब एक लाख का मुआवजा मिलेगा। मजबूरी में दलजीत ने हामी भर दी थी, लेकिन शासन से सिर्फ 30 हजार रुपये का मुआवजा मिला।
मुआवजे की रकम पिछले दिनों किसानों के खातों में पहुंची तो लेखपाल दलजीत से 10 हजार रुपये मांगने लगा। उन्होंने मुआवजे की रकम कम होने का हवाला देते हुए आनाकानी की तो वह उनके पीछे पड़ गया और उन्हें नुकसान करने की धमकी देने लगा। तब कहीं उन्होंने एंटी करप्शन से शिकायत करने का फैसला किया। चार मई को शिकायत करने के बाद बुधवार को पैसे देने के लिए धर्मेंद्र सिंह को पुल भट्ठा बुलाया जहां एंटी करप्शन की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने लेखपाल को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।
सरकारी काम छोड़कर पहुंचा रिश्वत लेने
एंटी करप्शन की टीम ने 500 के 20 नोटों पर केमिकल लगाकर दलजीत को दिए थे। दलजीत ने जब लेखपाल को फोन किया कि उसने बताया कि वह सरकारी काम में व्यस्त है। एंटी करप्शन की टीम इस पर उसका इंतजार करती रही। कुछ देर बाद लेखपाल काम छोड़कर पैसे लेने पुल भट्टा पहुंच गया। दलजीत ने जैसे ही उसके हाथों में नोट थमाए, टीम ने उसे दबोच लिया।
किसान ने चार मई को शिकायत की थी कि लेखपाल उनसे 25 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा है। टीम गठित कर उसे 10 हजार की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ भोजीपुरा में रिपोर्ट दर्ज कराई है। - श्याम बहादुर सिंह, सीओ एंटी करप्शन
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