2000 Note Update News : बाजार में हर जगह दिखने लगा 2000 नोट, 500 के नोट की बढ़ी डिमांड, बैंकों में लगी कतारें

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Edited By Amrit Vichar
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2000 Note Update News कानपुर की बाजार में हर जगह दिखने लगा 2000 का नोट।

2000 Note Update News कानपुर की बाजार में हर जगह 2000 का नोट दिखने लगा। 2000 के नोट के सर्कुलर से बाहर करने के फैसले से बाजार में नोट आए।

कानपुर, अमृत विचार। 2000 Note Update News शहर के बाजारों से गायब रहने वाले 2000 के नोट शनिवार को अचानक से हर जगह दिखाई देने लगे। पंप हो या ज्वैलरी शोरूम या फिर मेडिकल स्टोर हर जगह 2000 के नोट से भुगतान होने लगा है। बैंक में नोट जमा करने के लिए लाइन लगना शुरू हो गया है। यह कोई संयोग नहीं है, बल्कि 2000 के नोट को सर्कुलेशन से बाहर किए जाने का असर है।

केंद्र सरकार ने भले ही सितंबर तक नोट को बदलने का समय दिया, लेकिन आम नागरिक पहले दिन से ही नोट को खपाने में जुट गया है। 2000 के नोट के तेजी से बाहर आने से बाजार में रौनक आने लगी है। वहीं, नगदी जमा होने से बैंकों के खजाने पर ही भी असर पड़ा है। बाजार और बैकिंग से जुड़े लोगों के मुताबिक यह तो शुरूआत है। कुछ ही दिनों में सारा नोट बाजार में आ जाएगा। यह दौर बाजार और बैकिंग के लिए सहालग की तरह रहेगा। 

2000 का बाहर आया तो 500 का जमा होने लगा 

बाजारों में शनिवार को जिस तेजी से 2000 का नोट बाहर आया। वहीं, उतनी तेजी से 500 के नोट की डिमांड बढ़ रही है और 500 के नोट की जमाखोरी शुरू हो गई। गल्ला कारोबारी रमेश शुक्ला के मुताबिक बड़े भुगतान बड़े नोट में ही होते है। चूंकि 2000 का नोट चलन से बंद होने वाला है तो इस स्थिति में कारोबारी 2000 के नोट बाहर करके 500 के नोट को जमा करेंगे। इससे बाजार से 500 का नोट तेजी से गायब हो जाएगा। जिस तरह से 2000 के नोट गायब हुए थे। अब प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि 500 के नोट की जमाखोरी न हो सके। वहीं, आढ़ती जितेंद्र गुप्ता के मुताबिक 2000 का नोट बाजार में आना शुरू हो गया है, लेकिन ज्यादा तादात में बाहर आने में दो से तीन सप्ताह का समय लगेगा। तब 500 का नोट गायब हो सकता है। 

मध्यम वर्गीय के पास रहेगा 200 और 100 का नोट

बाजार से जुड़े जानकारों के मुताबिक अगर 500 के नोट की जमाखोरी होगी। उस स्थिति में 200 और 100 का नोट ही आम आदमी के हाथ में रहेगा। अभी तो 500 नोट हर आदमी के पास दिख जाएगा, लेकिन छह माह के बाद स्थिति पूरी तरह से बदल जाएगी। तब मध्यम वर्गीय और नौकरी पेशा के पास 200 से ज्यादातर नोट दिखेंगे। 500 का नोट काफी कम हो जाएगा। 

दिन भर रही फुटकर की किल्लत 

बाजार में 2000 का नोट आने से फुटकर की किल्लत शुरू हो गई है। मध्यम वर्गीय लोग बैंक में जमा करने के बजाय जरूरत का सामान खरीदकर 2000 का नोट खपा रहे है। यह ट्रेंड बाजार में दिखाई दिया। छोटे से छोटे सामान खरीदने के लिए लोग दुकानदार को 2000 का नोट थमा रहे है। जिससे बाजार में फुटकर (छोटे नोट) की किल्लत होने लगी। मसलन किसी को रूमाल भी खरीदना है तो वह 2000 का नोट दुकानदार को दे रहा है। 

बैंकों में लगी कतारें, पंप में खपाए जा रहे नोट

बैंकों हर दिन की तरह शनिवार को भी पैसा जमा करने के लिए लोगों की कतारें लगी थी, लेकिन बस बदलाव यह था कि वह जो पैसा जमा कर रहे थे उसमें ज्यादातर नोट 2000 के थे। सिविल लाइंस निवासी अभिषेक गुप्ता ने बताया कि उनको बैंक में पैसा जमा करना था। घर में 2000 के कुछ नोट पड़े थे तो फुटकर के बजार 2000 के नोट बैंक में जमा कर दिए। अब इसी से जिसको भुगतान करना होगा, उसको आनलाइन कर देंगे। वहीं, 2000 के नोट का सबसे ज्यादा चलन पंप पर देखा गया। पंप में ज्यादातर लोग 2000 का नोट देकर पेट्रोल और डीजर भरवा रहे थे। परेड स्थित पंप कर्मी गोपाल ने बताया कि एक लीटर पेट्रोल डलवाने वाले भी 2000 का नोट थमा रहे है। शाम को तो ऐसी स्थिति हो गई थी कि उनके पास फुटकर ही नहीं बचे थे। तब उन लोगों ने 2000 का नोट लेने से इंकार कर दिया। 

खाई चाट और थमा दिया 2000 का नोट

नवीन मार्केट स्थित एसडी फास्ट फूड सेंटर में अमृत विचार की टीम पहुंची तो वहां पर 2000 के नोट को लेकर बहस हो रही थी। वहां पर मेस्टन रोड निवासी हिमांशु सक्सेना ने एक पत्ता चाट खाई और फास्ट फूड संचालक दीपक सविता को 2000 का नोट थमा दिया। उनके पास फुटकर न होने पर बहस हो रही थी। संचालक दीपक सविता ने बताया कि पहले तो पूरे दिन में दो से तीन 2000 के नोट आते थे, लेकिन आज सुबह से नौ नोट आ गए है। अब उनको ग्राहकों में पैसे लौटाने में दिक्कत हो रही है। 

जम कर खरीदी गई ज्वैलरी

इन दिनों सहालग होने की वजह से ज्वैलरी शोरूम में ग्राहकों की भीड़ रहती है, लेकिन शनिवार को और दिन की अपेक्षा ज्यादा ग्राहक आए थे। ज्यादातर ग्राहकों ने ज्वैलरी का भुगतान 2000 के नोट में ही किया है। एसएस ज्वैलर्स के मालिक शफात हुसैन ने बताया कि ग्राहक ज्यादातर बड़े नोट में ही ज्वैलरी का भुगतान करते है, लेकिन उसमें 2000 के नोट काफी कम रहते थे। 500 के नोट ज्यादा रहते थे, लेकिन शनिवार को हुए भुगतान में 2000 के नोट ज्यादा थे। उनका भी मानना है कि 2000 नोट का चलन बंद होने की वजह से ऐसा हुआ है। 

आन लाइन कम, नगदी का भुगतान बढ़ा 

बाजार में पूरे दिन नगदी का भुगतान ज्यादा रहा है। दूसरों दिनों की अपेक्षा आन लाइन भुगतान कम हुआ है। इसके पीछे वजह भी 2000 का नोट है। बेकनगंज निवासी माशूक ने बताया कि उनको बिजली का बिल जमा करना था। वह आन लाइन बिल जमा करते है, लेकिन उनके पास 2000 के कुछ पड़े थे। उन्होंने बिजली का बिल जमा कर दिया। साथ ही पूरे माह का राशन मंगवा लिया। इस तरह उनके दो नोट निकल गए है। तीन नोट और बचे है। इसी तरह वह अन्य नोट भी निकाल देंगे।

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