Cyber Fraud: कानपुरियों को करोड़ों की चपत लगा चुके साइबर ठग, इंवेस्टमेंट के नाम पर के शिकार हो रहे लोग

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Edited By Amrit Vichar
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साइबर ठग कानपुरियों को करोड़ों की चपत लगा चुके।

Cyber Fraud साइबर ठग कानपुरियों को करोड़ों की चपत लगा चुके। पांच माह में इंवेस्टमेंट के नाम पर सबसे ज्यादा ठगी के लोग शिकार हुए है।

कानपुर, अमृत विचार। शहर के लोग साइबर ठगों के निशाने पर हैं। ठगी के इस महाजाल में कनपुरिये लगातार फंसते जा रहें हैं। केवाईसी अपडेट, पेंशन दस्तावेज अपडेट, आनलाइन शापिंग, नौकरी लगवान व इनवेस्टमेंट कर जल्द ही मुनाफा कमाने के नाम पर कनपुरिये सिर्फ पांच माह में साइबर ठगों के हाथों करोड़ों रुपयों की चपत लगवा चुकें है। साइबर ठगी की मामले में पिछले तीन सालों में लगातार इजाफा हो रहा है। 

साइबर ठगों से बचाव के लिए साइबर क्राइम विभाग की ओर से समय-समय पर जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन कराया जाता है, इसके बावजूद भी आम जनमानस जागरूकता की कमी व मुनाफे के लालच में फंस कर साइबर ठगी का शिकार हो रहे है। साइबर क्राइम की एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 में सिर्फ पांच माह में 1.23 करोड़ रुपये शहरवासियों के खाते से साइबर ठग पार कर चुके है।

रिपोर्ट के अनुसार ठगी के दर्ज सैकड़ों मुकदमों में से करीब 90 प्रतिशत साइबर ठगी इनवेस्टमेंट के नाम पर हुई है। वहीं पिछले तीन साल की रिपोर्ट की मानें तो साइबर ठगों का जाल लगातार बढ़ता जा रहा है और लोग इनके भिन्न-भिन्न प्रकार के झांसों में आकर फंसते जा रहे हैं।

आईआईटी की छात्रा के खाते से पार की रकम 

मूलरुप से केरल के एर्नाकुलम निवासी संजना पौल आईआईटी कानपुर से पीएचडी कर रहीं हैं। उनका खाता एर्नाकुलम की एक निजी बैंक में है। कुछ दिन पूर्व संजना के मोबाइल नंबर पर एक काल आया, जिसमें युवक ने खुद को मुंबई पुलिस का सिपाही बताया और वेरीफिकेशन के नाम पर उनके खाते की जानकारी ली। जानकारी के बाद उनके खाते से करीब 569738 रुपये पार हो गए। खाते से रुपये पार होने के बाद उनकों ठगी की जानकारी हुई।

टिकट कैंसिल के नाम पर लाखों की ठगी

जाजमऊ के तिवारीपुर निवासी नागेंद्र सिंह एक टेलीकाम कंपनी में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि बेटे के लिए कलकत्ता से कानपुर आने का टिकट बुक कराया था। इस दौरान बेटे के कानपुर आने के कार्यक्रम में परिवर्तन होने पर उन्होंने रेलवे के पूछताछ नंबर टिकट कैंसिल करने की बात की। कुछ देर बाद दोबार कॉल आने पर रकम वापसी के लिए नेट बैंकिग देखने के लिए बोला गया, जैसे ही मोबाइल पर नेट बैंकिग की सुविधा शुरु की कुछ ही देर में उनके खाते से करीब 3.55 लाख रुपये पार हो गए। 

फर्जी वेबसाइट बनाकर व्यापारी से 32 लाख की ठगी

ढ़कनापुरवा निवासी मो. अंसारी ने बताया कि फर्जी वेबसाइट में कम समय में ज्यादा मुनाफे के लालच में आकर उन्होंने रकम निवेश कर दी। शुरुआत में निवेश की गई रकम से लाभ मिला, इसके बाद ज्यादा मुनाफे की लालच में आकर उन्होंने किस्तों में करीब 32 रुपया कंपनी में निवेश कर दिया। निवेश रकम की मुनाफे की मांग पर उन्हें महीनों तक गुमराह किया गया। इसके बाद निवेश की गई रकम न मिलने पर उन्हें ठगी का अहसास हुआ जिसके बाद उन्होंने मुकदमा पंजीकृत कराया।

साइबर क्राइम की रिपोर्ट के अनुसार पिछले तीन सालों में शहरवासियों से ठगी गई रकम

- वर्ष 2021 में 51,18,106 रुपये 
- वर्ष 2022 में 53,34,675
- वर्ष 2023 में पांच माह में 1,23,78,994

ठगों पर होगी गैंगस्टर की कार्रवाई

बढ़ते साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए शासन के निर्देश पर पुलिस ठगों पर अब गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करेगी। नियमानुसार पांच लाख से अधिक की धोखाधड़ी पर सात साल की सजा है। वहीं पांच लाख से कम रकम पर साइबर ठगों की आईटी एक्ट में आसानी से जमानत हो जाती है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद होते है। साइबर क्राइम प्रभारी हरमीत सिंह के मुताबिक शासन के निर्देश के बाद साइबर अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की जाएगी। 

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