पीलीभीत: आईजी आए तो थाना सजाया.. बरेली से आई महिला फरियादी को गेट से भगाया, देखें वीडियो

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत, अमृत विचार। आईजी के आगमन पर थानों को सजाने वाली पुलिस फरियादियों की सुनवाई करना ही भूल गई। आईजी की मौजूदगी के दौरान कुछ फरियादी अपना दुखड़ा सुनाने के लिए पहुंचे लेकिन उन्हें पहले से बाहर मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने बाहर ही रोक दिया। इतना ही नहीं थाना गेट से अलग हटकर खड़े होने की नसीहत दे डाली। पुलिस की ये करतूत उस वक्त सामने आ गई जब बरेली से शिकायत लेकर पहुंची पीड़िता सुनगढ़ी गेट से भगाए जाने के बाद नकटादाना चौराहा पर तैनात पुलिसकर्मियों के सामने दुखड़ा सुनाकर गुहार लगाने लगी। उसके बाद उसे पुलिस लाइन भेज दिया गया, लेकिन वहां भी अफसर नहीं मिल पाए। मामला चर्चा का विषय बना रहा।

बरेली जनपद के बारादरी थाना क्षेत्र के मोहल्ला गंगापुर पक्का बाग की निवासी गीता पुत्री हुकुम चंद ने बताया कि उनकी शादी पीलीभीत के मोहल्ला थान सिंह के युवक से 29 अ्रप्रैल 2019 को हुई थी। पिता ने सामर्थ्य के अनुसार दान दहेज दिया था। मगर ससुरालिये खुश नहीं थे। एक साल बाद पीड़िता ने एक पुत्री को जन्म दिया था, जिसे ससुरालियों ने छीन लिया। 21 सितंबर 2021 को मारपीट कर पीड़िता को घर से निकाल दिया। तलाक का मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। 

आरोप है कि बिना तलाक पति ने 12 मई 2023 को सुनगढ़ी क्षेत्र की एक लड़की से दूसरी शादी कर ली। इसका पता चलने पर बुधवार को वह पीलीभीत पहुंची थी। सुनगढ़ी थाने गई तो वहां पर पुलिसकर्मियेां ने सुना ही नहीं। उस वक्त अफसर आए हुए थे तो बोल दिया कि अंदर मीटिंग चल रही है। अभी नहीं मिलवा सकते। तहरीर भी नहीं ली गई। थाने से अलग हटाकर खड़ा कर दिया गया। उसके बाद वह भटक रही है, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। नकटादाना चौराहा पर तैनात पुलिसकमियों से भी दुखड़ा सुनाया गया। उसके बाद पुलिस लाइन पहुंची तो वहां पर भी अफसर नहीं थे। महिला का कहना है कि उसकी बेटी उसे दिलवाकर दोषियों को सजा दिलाई जाए।

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