लिवर के मरीज नमक का सेवन करें कम : प्रो. अमित गोयल

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। लिवर की बीमारी झेल रहे मरीजों को अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। मरीज चार बिन्दुओं का ध्यान रखें तो गुणवत्तापूर्ण जीवन जी सकते हैं। यह जानकारी एसजीपीजीआई स्थित हेपेटोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अमित गोयल ने दी । वह शनिवार को विश्व पोषण दिवस की पूर्व संध्या पर संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। 

दरअसल, एसजीपीजीआई स्थित हेपेटोलॉजी और डायटेटिक्स विभाग के संयुक्त प्रयास से यकृत ( लिवर ) रोगों के मरीजों में पोषण मूल्यांकन और प्रबंधन पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हेपेटोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.अमित गोयल ने कहा कि लिवर के मरीजों को खानपान के मामले में चार बिन्दुओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने बताया कि लिवर के मरीजों को नमक कम मात्रा में खाना चाहिए। प्रोटीन युक्त भोजन जैसे दाल,सोयाबीन,छेना,पनीर,अंडा,मछली आदि का सेवन करते रहना चाहिए। इतना ही नहीं तीन से चार घंटे के अन्तराल पर लिवर के मरीज को भोजन अथवा नाश्ते का सेवन जरूर करना चाहिए, लंबे समय तक भूखे नहीं रहना चाहिए। नहीं तो इनकी मांस पेशियों को नुकसान पहुंचाता है। इसके अलावा फैट युक्त भोजन का भी सेवन लिवर के मरीजों को करना चाहिए। 

बताया जा रहा है कि आज आयोजित हुई कार्यशाला संवादात्मक कार्यक्रम था, जो मुख्य रूप से आहार विशेषज्ञों, पोषण इंटर्न, मेडिकल छात्रों (स्नातक या स्नातकोत्तर), यकृत रोग रोगियों के पोषण प्रबंधन में शामिल युवा संकाय सदस्यों के प्रशिक्षण पर केंद्रित था। यह कार्यशाला अपनी तरह की पहली कार्यशाला थी जिसमें विशेष रूप से लिवर की बीमारी के रोगियों में आहार पर ध्यान केंद्रित किया गया था। कार्यशाला  संस्थान के 'सेंटर फॉर हेपेटोबिलरी डिजीज एंड ट्रांसप्लांटेशन (CHBDT) ऑडिटोरियम'  में आयोजित की गई थी। इस कोर्स को इंडिया एसोसिएशन ऑफ पैरेंट्रल एंड एंटरल न्यूट्रिशन (IAPEN), लखनऊ चैप्टर ने समर्थन दिया था। सम्मेलन का उद्घाटन संजय गांधी पीजीआई के निदेशक प्रोफेसर आर के धीमन, प्रोफेसर राजन सक्सेना, विभागाध्यक्ष,  सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और डॉ अमित गोयल, प्रोफेसर और हेड, हेपेटोलॉजी विभाग  द्वारा किया गया। 

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इस अवसर पर निदेशक प्रोफेसर आर के धीमन ने बताया कि हेपेटोलॉजी विभाग से 'हेपेटोलॉजी कोर ग्रुप ऑफ आईएपीईएन इंडिया' शुरू किया जाएगा और इसका नेतृत्व प्रोफेसर अमित गोयल करेंगे। उन्होंने विशेष रूप से यकृत रोग वाले रोगियों में पोषण के महत्व पर जोर दिया। इसके बाद एसजीपीजीआई और अन्य संस्थानों से डायटेटिक्स और हेपेटोलॉजी के क्षेत्र में विशेषज्ञों द्वारा स्वस्थ व्यक्तियों के साथ-साथ यकृत रोगों के रोगियों के लिए पोषण के विभिन्न पहलुओं पर शैक्षणिक सत्रों की एक श्रृंखला आयोजित की गई। बैठक में लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश राज्य के सौ से अधिक आहार विशेषज्ञों और पोषण विशेषज्ञों ने भाग लिया।

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