रामपुर: दिल्ली जा रहे किसानों को पुलिस ने रोका, भाकियू कार्यालय का किया घेराव
रामपुर, अमृत विचार। दिल्ली जा रहे किसानों को रविवार की सुबह पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और पुलिस लाइन ले गए जहां तीन घंटे रखने के बाद निजी मुचलको पर रिहा कर दिया। इससे पहले गुस्साए किसान कार्यालय से नारेबाजी करते हुए हाईवे पर पहुंच गए और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
किसानों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ करीब आधा घंटे तक जोरदार नारेबाजी की। प्रदेश महासचिव ने कहा कि भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के आह्वान पर दिल्ली जा रहे थे पुलिस किसानों को दिल्ली जाने से रोक रही है। कहा कि राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि किसानों से बार्डर पर रहकर प्रदर्शन करने के निर्देश दिए हैं। यदि दिल्ली आने का संदेश मिलता है तो किसान दिल्ली के लिए कूच करेंगे।
सिविल लाइंस स्थित कार्यालय पर किसान रविवार की सुबह 9:30 बजे दिल्ली जाने के लिए एकत्र होना शुरू हुए। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के बुलावे पर उन्हें सुबह 10 बजे दिल्ली के लिए अपने-अपने वाहनों से रवाना होना था। जैसे ही किसानों के दिल्ली कूच की भनक पुलिस प्रशासन को लगी, पुलिस और पीएसी ने आनन-फानन में भाकियू कार्यालय को घेर लिया।
पुलिस को देखकर किसान भड़क गए और नारेबाजी करते हुए कार्यालय से निकलकर हाईवे पर पहुंच गए। पुलिस द्वारा पकड़-धकड़ किए जाने पर वे हाईवे पर धरना देकर बैठ गए। करीब आधा घंटा तक नारेबाजी करने के बाद सीओ सिटी अनुज चौधरी ने भाकियू के प्रदेश महासचिव हसीब अहमद से कहा कि किसानों को गिरफ्तार किया जा रहा है। इसके बाद पुलिस 51 किसानों को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले गई।
पूर्वाह्न करीब 11 बजे किसान पुलिस लाइन पहुंच गए और दो बजे किसानों को निजी मुचलकों पर रिहा कर दिया गया। भाकियू नेता हसीब अहमद ने कहा कि पहलवानों की गिरफ्तारी के विरोध में किसान दिल्ली जा रहे थे। लेकिन, पुलिस ने किसानों को गिरफ्तार कर लिया उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि हाईकमान का निर्देश मिलता है तो किसान एक बार फिर दिल्ली के लिए कूच करेंगे। हालांकि भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने किसानों से बार्डर पर रुककर ही धरना प्रदर्शन करने के निर्देश दिए हैं।
किसानों को पुलिस ने कराया मध्याह्न भोजन
पुलिस लाइन में किसानों को मध्याह्न भोजन कराया गया। पुलिस ने किसानों को आलू की सब्जी, पूड़ी, लड्डू और अचार के पैकेट बंटवाए। इसके बाद अपराह्न करीब 2 बजे किसानों को निजी मुचलकों पर रिहा कर दिया गया।
यह किसान किए गए गिरफ्तार
हसीब अहमद, जुबैद आलम, मोहम्मद यामीन, राहत वली खां, नासिर खां, राशिद खां, हशमत खां, फजले अहमद, पंडित सुभाष चंद्र शर्मा, नल सिंह, मोहम्मद नदीम, राजपाल सिंह यादव, राजपाल सिंह, रिफाकत अली, अमरीक सिंह, आफताब अहमद खां, खलील अहमद खां, गुफरान खां, प्रियांशु, कुशल, मोहम्मद रेहान, रिजवान हुसैन, सेवाराम, साबिर अली, जाकिर अली, शाहिद खां, मोहम्मद अय्यूब, इरफान हसन, मोहम्मद मुस्तकीम, जाहिद अली, तौकीर अहमद, मोहम्मद जावेद, नदीम अहमद, दानिश, मुराद हुसैन, शकील, मुराद अली, फुरकत यार, मोहम्मद मोहसिन, रामौतार, इंतजार, छिद्दा, मंजीत सिंह अटवाल, राम किशोर, राशिद, अशोक सागर, मोहम्मद अनीस, मेहंदी हसन, नबी अहमद, परवेज खां, मुन्ने।
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