World No Tobacco Day 2023 : अरे यार… चार दाने लाओ, हम भी खा के देखें कैसा लगता है, युवा शौक में खा रहे तंबाकू
World No Tobacco Day 2023 कानपुर में युवा शौक में खा रहे तंबाकू।
World No Tobacco Day 2023 कानपुर में 12 से 15 साल की उम्र में शौकिया तंबाकू शुरू करने वाले दो सौ किशोर आदी हो गए। जनपद में 46.8 फीसदी पुरूष और 9.5 फीसदी महिलाएं तंबाकू का सेवन कर रही।
कानपुर, [विकास कुमार]। World No Tobacco Day 2023 अरे यार… चार दाने लाओ, हम भी खा के देखें कैसा लगता है, इसका स्वाद। चंद दिन ऐसे ही चलता रहता है, उसके बाद तंबाकू की लत लग जाती है। ऐसा ही कुछ शहर के 12 से 15 साल की उम्र के 200 से अधिक किशोरों के साथ हुआ है। उन्हें तंबाकू और गुटखे की आदत हो गई है। सिर्फ यही नहीं जिले में 46.8 फीसदी पुरूष और 9.5 फीसदी महिलाएं तंबाकू का सेवन कर रहीं हैं।
तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट और गुटखा चबाने से न सिर्फ सेहत बिगड़ती है, बल्कि आर्थिक रूप से नुकसानदायक है। हर साल 31 मई को तंबाकू से होने वाले खतरों और इसके इस्तेमाल से मना करने लिए तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। इस बार की थीम हमें भोजन की जरूरत है, तंबाकू की नहीं रखी गई है।
तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की जिला सलाहकार निधि बाजपेयी के मुताबिक एक अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2023 तक करीब 1500 तंबाकू उपभोक्ता तंबाकू की वजह से होने वाली समस्याओं का इलाज कराने के लिए अस्पताल पहुंचे। अप्रैल से 30 मई तक 150 से अधिक लोग तंबाकू छोडने में मदद लेने आए हैं। शहर के करीब दो सौ किशोरों को सांसो में बदबू व दांतो में सड़न की समस्या हो गई।
जिनको तंबाकू का किसी भी तरह से इस्तेमाल न करने की सलाह और समस्या के निदान के लिए दवा दी गई। 18 वर्ष से कम उम्र के किशोरों को तंबाकू उत्पाद बेचना, स्कूल और कॉलेजों के सौ गज की परिधि में तंबाकू उत्पाद बेचना आदि अपराध की श्रेणी में आते हैं। उल्लंघन करने वालों से दो सौ रुपये का जुर्माना वसूला जाता हैं। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे पांच के मुताबिक जिले में 15 साल की उम्र से ही 46.8 फीसदी पुरुष और 9.5 फीसदी महिलाएं तंबाकू का सेवन कर रही हैं।
काफी संख्या में लोग कर रहे सेवन
सीएमओ डॉ.आलोक रंजन के मुताबिक काफी संख्या में लोग तंबाकू के सेवन कर रहे हैं। इसमें धूम्रपान और धुआं रहित तंबाकू का सेवन भी शामिल है। सिर्फ यही नहीं सामान्य लोग भी कहीं इसकी चपेट में आ रहे हैं।
जिला तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. आरपी मिश्रा ने बताया कि धूम्रपान करने या किसी भी रूप में तंबाकू का सेवन करने वालों को करीब 40 तरह के कैंसर और 25 अन्य गंभीर बीमारियां होने की संभावना रहती है। तंबाकू का सेवन ओरल हाइजीन (मुंह की स्वच्छता) को बिगाड़ता है। वहीं धूम्रपान करने वाले के फेफड़े में 30 फीसद धुआं पहुंचता है। बाकी 70 फीसद धुआं आसपास लोगों को प्रभावित करता है।
