Chitrakoot News: शव की राख उठाने के आरोप में पिता-पुत्र गिरफ्तार, तंत्र-मंत्र करने का आरोप, जानें- पूरा मामला
चित्रकूट में शव की राख उठाने के आरोप में पिता-पुत्र गिरफ्तार।
चित्रकूट में शव की राख उठाने के आरोप में पिता-पुत्र गिरफ्तार। दोनों पर तंत्र-मंत्र करने का आरोप लगा।
चित्रकूट, अमृत विचार। कर्वी में अभी अंधविश्वास की घटना सामने आई ही थी कि सीतापुर में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है। एक कथावाचक और ज्योतिष विद्वान की मृत्यु के बाद चिता की राख उठाने के आरोप में पुलिस ने दो कथित तांत्रिकों को गिरफ्तार किया है। इस संबंध में मृतक के भाई ने कथित तांत्रिक पिता-पुत्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुराना सीतापुर निवासी अधिवक्ता विनोद कुमार ने बताया कि उनके भाई डा. विजय कुमार पांडेय संस्कृत के प्रकांड विद्वान और श्री जैनेंद्र सरस्वती वेद पाठशाला सीतापुर के आचार्य होने के साथ मां भगवती आश्रम मलकाना रोड के पीठाधीश्वर भी थे। बीते दिन उनका हृदयाघात से असामायिक निधन हो गया था।
शुक्रवार देर रात लगभग साढ़े बारह बजे जब वह अपने भाई होम्योपैथ चिकित्सक डा. विष्णु गोपाल व अन्य के साथ श्मशान घाट पहुंचे तो देखा कि जहां उनके भाई का अंतिम संस्कार हुआ था, वहां दो व्यक्ति संदिग्ध क्रियाकलाप कर रहे थे। उन लोगों को देखते ही वे भागने लगे। इन लोगों ने उन्हें पकड़ा। देखा तो वे रामघाट में सोना-चांदी का व्यवसाय करने वाले गणेश केशरवानी और उसका पुत्र सौरभ थे।
इनके झोले की तलाशी लेने पर उससे राख भी निकली। ये काले कपड़े पहने थे। दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। इस संबंध में अधिवक्ता विनोद कुमार ने चुन्नी लाल और सौरभ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। चौकी प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों ने बताया है कि वे श्मशान की भस्म से पूजा अर्चना करते थे। यह पता नहीं कि दोनों तंत्र विद्या के जानकार हैं कि नहीं। रिपोर्ट लिख ली गई है।
रात में बेचैनी हुई तो पहुंचे श्मशान घाट
गौरतलब है कि दिवंगत विजय कुमार एक ज्योतिषाचार्य भी थे। तीनों भाइयों में ज्येष्ठ विजय ने परिवार को संभाला था और पढ़ा लिखाकर एक भाई को चिकित्सक और एक को अधिवक्ता बनाया। अपना आश्रम खोला और उनके बहुत से अनुयायी भी हैं। 50 वर्ष की अल्पायु में उनके परिवार में शोक का माहौल है। विनोद ने बताया कि रात में उनको अचानक बेचैनी हुई तो वे अपने भाई और दोस्तों के साथ श्मशान घाट पहुंच गए थे। उधर, दिवंगत के गुरु भाई पं. विश्राम सागर मिश्र ने बताया कि रात में इसीलिए श्मशान घाट में देखभाल आवश्यक होती है, क्योंकि कथित तंत्रमंत्र करने वाले इसी दौरान संदिग्ध कार्य करते हैं।
विद्वानों के शवों की राख से करते हैं कथित तंत्रमंत्र
वहां मौजूद लोगों ने आशंका जताई कि तंत्रमंत्र साधना करने वालों में यह बात कही जाती है कि विद्वानों के शवों की राख से उनमें ज्यादा सिद्धि होती है। इसी विश्वास के चलते अक्सर श्मशान घाटों में कथित तांत्रिक नजर आ जाते हैं। कथावाचक की मृत्यु के बाद भी ऐसा ही हो रहा था।
चिंताजनक हैं इस तरह के मामले
गौरतलब है कि दो दिन पहले ही जिला मुख्यालय में भी अंधविश्वास का ऐसा ही एक मामला सामने आया था, जहां एक मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति ने तीन साल से अपनी पत्नी और दो बच्चों को अंधेरे कमरे में बंद कर रखा था। जब चाइल्डलाइन और पुलिस को इसकी जानकारी मिली तो उनको बाहर लाया गया। लगातार इस तरह के मामले सामने आना चिंताजनक है।
कुछ देर को चौकी में दिया धरना
पुलिस पर रिपोर्ट दर्ज करने में हीलाहवाली करने का आरोप लगाते हुए परिजन और अन्य लोग सीतापुर चौकी में इकट्ठा हो गए। इन लोगों ने वहीं पर धरना दे दिया। इनकी मांग थी कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। चौकी प्रभारी जनार्दन सिंह ने आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर ये लोग माने।
