मुरादाबाद: चन्द्रसेन ने टाल दिया बड़ा रेल हादसा, यहां जानें कैसे?

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मुरादाबाद, अमृत विचार। सरहद पर देशवासियों की हिफाजत करने वाले भारतीय सेना के 85 जवानों की जिंदगी एक ग्रामीण की सूझबूझ से बच गई। इस अनहोनी को रोकने में ग्रामीण की लाल नेकर ने सबसे अहम भूमिका निभाई। जी हां, मुरादाबाद के भैंसिया गांव में शनिवार को एक भीषण रेल हादसा स्थानीय ग्रामीण चंद्रसेन सैनी …

मुरादाबाद, अमृत विचार। सरहद पर देशवासियों की हिफाजत करने वाले भारतीय सेना के 85 जवानों की जिंदगी एक ग्रामीण की सूझबूझ से बच गई। इस अनहोनी को रोकने में ग्रामीण की लाल नेकर ने सबसे अहम भूमिका निभाई। जी हां, मुरादाबाद के भैंसिया गांव में शनिवार को एक भीषण रेल हादसा स्थानीय ग्रामीण चंद्रसेन सैनी और उसकी लाल चंद्रसेन की बदौलत टल गया।

-चंद्रसेन ने सूझबूझ और लाल नेकर से बचाई 85 जवानों की जिंदगी
– टूटी हुई पटरी पर पहुंचने से पहले सूझबूझ से रुकवाई ट्रेन
– भैंसिया गांव के पास टल गया बड़ा रेल हादसा

दरअसल, शनिवार की सुबह लगभग छह बजकर पांच मिनट पर अमृतसर से हावड़ा जा रही पार्सल ट्रेन टूटी पटरी पर दौड़ गई। गाड़ी के 17 कोच टूटी पटरी से निकल गए जबकि सात कोच पीछे रह गए। चंद्रसेन सैनी नाम का एक ग्रामीण यह सब देख रहा था। कोई अनहोनी न हो जाए, इसलिए चंद्रसेन ने पूरी सूझबूझ दिखाई और तुरंत अपनी लाल रंग की अंडरवियर को लाल झंडी में तब्दील कर दिया। ट्रेन के पायलट ने ट्रैक के किनारे खड़े नौजवान के हाथ का लाल कपड़ा देखकर इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकने का प्रयास किया। पार्सल ट्रेन के दो कोच में 85 फौजी सवार थे। बाद में रेलवे की टीम ने टूटी पटरी की मरम्मत की। गार्ड ने ड्राइवर से ट्रेन रोकने का कारण पूछा तो पता चला कि पटरी टूटी हुई है।

चन्द्रसेन सैनी ने बताया कि जब वह सुबह अपने जानवर चराने रेल लाइन की ओर गया था तो मालगाड़ी गुजर रही थी। मालगाड़ी के पहियों से जोर-जोर से आवाज आ रही थी और चिंगारियां भी निकल रही थीं। पास जाकर देखा तो रेल पटरी टूटी हुई थी। जब तक इसकी जानकारी किसी को देता तभी मुरादाबाद की तरफ से एक ट्रेन उसी पटरी पर आती दिखाई दी। गाड़ी आती देख किसी बड़ी दुर्घटना के डर से तुरंत अपना लाल नेकर उतारकर ट्रेन रुकवाने के उद्देश्य से ड्राइवर को दिखाना शुरू कर दिया। ट्रेन के ड्राइवर ने गाड़ी रुकने के इशारे को देख ट्रेन के ब्रेक लगा दिए फिर भी गाड़ी का कुछ हिस्सा टूटी पटरी को पार कर ही गया।

शाबाश चंद्रसेन, हमें तुम पर गर्व है
चंद्रसेन की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा होने से बच गया। पार्सल ट्रेन में एक डिब्बा मिलिट्री का भी था जिसमें फौजी सवार थे। हादसे से बचने के बाद फौजियों ने और रेल विभाग के अधिकारियों ने चंद्रसेन को धन्यवाद दिया और उसके साथ फोटो भी खिंचवाई। उन्होंने चंद्रसेन की सराहना करते हुए कहा- ‘शाबाश चंद्रसेन, हमें तुम पर गर्व है। आज तुम्हारी सूझबूझ ने हम सबकी जिंदगी बचा ली।’

गार्ड की अटक गईं सांसें
रेलवे अफसरों के सवाल और मीडियाकर्मियों की छानबीन में ट्रेन के गार्ड मदनलाल की सांसें अटक गईं। ट्रेन से उतरने के बाद गार्ड कुछ घबराया हुआ था। बताया कि इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका गया। ट्रेन में कितने फौजी सवार थे? इस सवाल ने गार्ड को और अधिक परेशानी में डाल दिया।

 

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