Farrukhabad: पढ़ाई छूटी, पेट पालना मुश्किल, कैसे भरे बिल, कोरोना से मां-पिता की मौत के बाद यह दर्द उनके बच्चों का
फर्रुखाबाद में कोरोना काल में मां-पिता की मौत हो गई थी।
फर्रुखाबाद में कोरोना काल में मां-पिता की मौत हो गई थी। बच्चों को अब पेट पालना मुश्किल हो रहा है।
फर्रुखाबाद, अमृत विचार। कोरोना काल में माता पिता की मौत के बाद पढ़ाई छूट गई है। घरों में काम कर भाई बहनों का पेट पालना पड़ रहा है। ऐसे में बिजली का 28 हजार रुपये का बिल भुगतान करना मुश्किल है। इस तरह की गुहार तीन बहन और एक भाई ने डीएम व एसपी से लगाई है।
शहर के मोहल्ला हाता करम खा निवासी 18 वर्षीय खुशी सक्सेना शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में छोटी बहन प्राची सक्सेना, भाई चिराग और बहन तपस्या के साथ पहुंची।
उन्होंने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर बिजली का बिल दिया। खुशी सक्सेना ने कहा कि पिता सुभाष चंद्र व मां सपना की कोराना काल में मौत हो गई थी। उस समय वह कक्षा आठ में प्राइमरी स्कूल में पढ़ती थी। छोटी बहन प्रांची कक्षा सात और भाई चिराग कक्षा छह में पढ़ रहा था। माता-पिता की मौत के बाद पढ़ाई छूट गई। वह भाई और बहनों का पेट भरने के लिए घरों में काम करती है। सबसे छोटी बहन को सरकारी स्कूल में पढ़ा रही है।
उसको बिल 2888 रुपये हो गया है। घर में कोई कमाने वाला नहीं है। इस कारण बिजली का बिल भुगतान करने में समस्या है। तीनों बहन और भाई ने डीएम एसपी से बिजली का बिल माफ कराए जाने की गुहार लगाई। डीएम ने एक्सईएन शहरी को बिल की समस्या का निस्तारण करने के निर्देश दिए।
