Allahabad High Court: अब्बास अंसारी को मिली हाईकोर्ट से फौरी राहत
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बाहुबली मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी व दो अन्य के खिलाफ धारा 171एच के तहत अपराध का संज्ञान लेकर सम्मन जारी करने के मजिस्ट्रेट के आदेश को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया है, साथ ही एसीजेएम, मऊ को आदेश मिलने से दो हफ्ते में कानून के तहत संज्ञान आदेश पारित करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव मिश्र की एकल पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
गौरतलब है कि कोर्ट ने 30 मई को सुनवाई पूरी होने के बाद अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था। कोर्ट ने दोनों पक्षों के द्वारा दिए गए तर्कों को सुनने के बाद अपने आदेश में कहा कि याचीगण के खिलाफ आईपीसी की धारा 171एफ के तहत चार्जशीट दाखिल किया गया था। हालांकि संबंधित मजिस्ट्रेट ने सीआरपीसी की धारा 190 (1) (बी) के तहत क्षेत्राधिकार के प्रयोग में संज्ञान लेते हुए याचीगण को सीआरपीसी की धारा 171-एच के तहत सम्मन जारी किया था।
मुख्य रूप से कोर्ट ने आगे कहा कि यह अच्छी तरह से स्थापित है कि मजिस्ट्रेट के पास कोई क्षेत्राधिकार नहीं है कि वह अभियुक्तों के खिलाफ संज्ञान लेते समय या सम्मन जारी करते समय चार्जशीट में उल्लिखित किसी धारा को जोड़े या घटाए। इस प्रकार, आक्षेपित संज्ञान लेने का आदेश/सम्मन आदेश प्रथम दृष्टया खारिज करने योग्य है।
