Loksabha Election 2024 : भाजपा दिग्गजों को जोड़ रही तो कांग्रेस में उपेक्षा, मोदी आंधी में कांग्रेसियों का उत्साह पड़ा ठंडा
कानपुर में लोकसभा चुनाव में भाजपा दिग्गजों को जोड़ रही है तो कांग्रेस में उपेक्षा।
कानपुर में लोकसभा चुनाव में भाजपा दिग्गजों को जोड़ रही है तो कांग्रेस में उपेक्षा। लगातार तीन चुनाव जीतने के बाद 2014 में कांग्रेस का उत्साह मोदी आंधी में ठंडा पड़ गया था, तब से ठंडा ही है।
कानपुर, अमृत विचार। 2024 में लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा की तैयारियों से कांग्रेसियों के हाथों तोते उड़ गए। लगातार तीन चुनाव जीतने के बाद 2014 में कांग्रेस का उत्साह मोदी आंधी में ठंडा पड़ गया था, तब से ठंडा ही है। तितर बितर हो चुके संगठन को मजबूती देने में जुटे कुछ नेता दिग्गजों का समर्थन हासिल नहीं कर पा रहे हैं। शहर के दिग्गजों ने कहा कि उन्हें तो कूड़ेदान में फेंक दिया गया। हमारे अनुभव का भी लाभ लेने को पार्टी नेतृत्व तैयार नहीं है। दूसरी तरफ भाजपा में तैयारी का आलम यह कि महाजनसंपर्क अभियान पार्टी अनुभवी नेताओं से भी संपर्क कर रही है।
भाजपा का प्लान यूपी की सभी 80 सीटें जीतने का है। पार्टी मैक्रो मैनेजमेंट में जुटी है। निष्क्रिय होकर चुपचाप बैठ चुके नेताओं की सूची बनाकर उनसे संपर्क किया जा रहा है। दूसरी तरफ कांग्रेस शिथिल पड़ी है। कहां एक समय था कि कांग्रेस के श्रीप्रकाश जायसवाल 1999 में द्रोण को, 2004 में सत्यदेव पचौरी को और 2009 में सतीश महाना को हराते हुए 2014 मुरली मनोहर जोशी से हार गए थे।
अब अगले चुनाव में 2024 में कांग्रेस के प्रत्याशी पर दारोमदार होगा। कांग्रेस भी पुराने साथियों को जोड़ने में लगी है पर यह कार्य पूरी शिद्दत से नहीं किया जा रहा है। ऐसा वरिष्ठ नेताओं का कहना है। दूसरी तरफ भाजपा में भी यही कवायद चल रही है। पूर्व सांसद जगतवीर सिंह द्रोण, जनसंघ के जमाने से विचारधारा से जुड़े रहे द्रोण तीन बार कानपुर से सांसद रहे हैं और एक बार मेयर रहे हैं।
द्रोण का कहना है कि जनसंघ के समय जो परिवर्तन लाने का सपना देखा गया था वह आज राष्ट्रीय फलक में दिख रहा है। भाजपा की योजना में जो भी अपेक्षाएं उन जैसे अनुभवी लोगों से होंगी वह अपनी विचारधारा को मजबूत करने के लिए अधिक से अधिक लोगों तक ले जाने के लिए मौजूद रहेंगे। पूर्व मंत्री प्रेमलता कटियार कहती हैं कि वह तो संरक्षक की भूमिका में हैं। पार्टी की अपेक्षा पर खरा उतरने को वह तैयार हैं।
दूसरी तरफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व विधायक भूधरनारायण मिश्रा कहते हैं कि कभी कभी उन्हें लगता है कि उनकी हालत तो जैसे पार्टी के ड्राइंग रूम में सजे खिलौनों को डस्टबिन में फेंक दिया गया है। हालांकि कांग्रेस के नेता कहते हैं कि नेतृत्व को उन्हें कुछ काम देकर बाहर निकाले। वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और युवाओं की ऊर्जा के तालमेल से ही कांग्रेस बेहतर प्रदर्शन कर पाएगी।
