अयोध्या: महापौर ने पेश की 100 दिन की महत्वाकांक्षी कार्ययोजना, कहा- आधात्मिक व सांस्कृतिक केंद्र के अनुरूप होंगी व्यवस्थाएं
अयोध्या/अमृत विचार। शुक्रवार को नगर निगम के अधिकारियों और पार्षदों की मौजूदगी में महापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने 100 दिन की महत्वाकांक्षी कार्ययोजना प्रस्तुत की और कहा कि अयोध्या आधात्मिक व सांस्कृतिक केंद्र के रूप में तैयार हो रही है, नगर निगम की कोशिश इसी के अनुरूप सुविधाओं और व्यवस्थाओं के विकास की है। जिसके लिए विभिन्न विभागों से समन्वय बनाकर एकीकृत विकास किया जायेगा। सबसे ज्यादा जोर जन शिकायतों के निस्तारण और निगम की सेवाओं की उपलब्धता में आधुनिक तकनीकि पर रहेगा। इसके लिए टोल फ्री नम्बर 18003131277 एवं 1533 पर प्राप्त शिकायतों का प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित होगा।
महापौर ने कहा कि सभी 60 वार्डो में कराये गए जीआईएस सर्वे के आधार पर कर निर्धारण से उपजी उत्पन्न समस्या एवं विसंगतियों समेत प्रकाश, स्वास्थ्य, जलकल, निर्माण सम्बन्धित समस्याओं शिविर लगवा निराकरण कराया जाएगा। सीएम की घोषणा के मुताबिक कुल 763 मठ-मंदिर कर छूट के लिए चिह्नित हैं, इनसे जुडी आपत्तियों को जल्द निस्तारित करवाया जाएगा। 6 माह से अधिक समय से लम्बित व विवादित नामान्तरण के प्रकरणों को 100 दिन तथा समयावधि पूर्ण कर चुके अविवादित नामान्तरण प्रकरणों को एक माह में निस्तारित करा दिया जाएगा।
जलकल विभाग अमानीगंज में स्थापित वाटर टेस्टिंग लैब के माध्यम से पाइपलाइन और टैंकर, हैण्डपम्प, प्याऊ, वाटर कियॉस्क आदि से सभी वार्डों, मेला एवं दीपोत्सव में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करायेंगें। 1150 मीटर पाइप लाइन का विस्तार और इण्डिया मार्क 2 हैण्डपम्प के रिबोर एवं अधिष्ठापन का कार्य होना है। कूड़ा निस्तारण के लिए 02 मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेन्टर,भवनों के ध्वस्तीकरण से निकलने वाले मलबा,अपशिष्ट प्रबन्धन एवं निस्तारण के लिए सीएण्डडी वेस्ट की स्थापना तथा पार्षदों के बैठने व बैठक के लिए हॉल के निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने का लक्ष्य है।
पांच चरणों में पूरी होगी कार्ययोजना, तिथियां तय
100 दिन की कार्ययोजना को पूरा करने के लिए नगर निगम ने पांच तिथियां तय की हैं। 30 जून तक प्रत्येक वार्ड में स्वच्छता समितियों का गठन कर डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था, जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर जल निकासी के स्रोतों को सुचारू करने, 27 पारम्परिक नालों की सफाई एवं पम्प की व्यवस्था, त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत 47 36 करोड़ की लागत से विस्तारित क्षेत्रों में 59 सम्पर्क मार्गों को पूर्ण कर लोकार्पित और पं दीनदयाल उपाध्याय योजना में 9.26 करोड़ से अयोध्या जोन के 23 मार्गों का निर्माण व 6.10 करोड़ से 32 पार्कों का जीर्णोद्धार, 3.20 करोड़ से एनीमल बर्थ कण्ट्रोल भवन पूर्ण कर बंध्याकरण शुरू करने और 50 लाख से कुशमाहा तालाब का सौन्दर्यीकरण पूरा कराने का लक्ष्य है।
15 जुलाई तक .मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना में विस्तारित क्षेत्र में 11.39 करोड़ से 24 सड़कों के निर्माण, 20 जून तक वैसिंह गौशाला का विस्तार और गोबर से तैयार दीपक, मूर्ति, गो काष्ठ वर्मी कम्पोस्ट आदि की बिक्री शुरू कराने, 31 जुलाई तक कूड़ा संग्रहण के लिए रूट चार्ट, प्रापर्टी मैपिंग डाक्यूमेंटेशन, 07 वार्डो में अलग-अलग गीला एवं सूखा कूड़ा संग्रहण, 06 वार्डों में कूड़े का पृथक्करण एवं कम्पोस्ट तैयार करने, कूड़ा संग्रहण की ऑनलाइन मॉनीटरिंग, भवनों पर क्यूआर कोड स्थापित करने, ज्यादा कूड़ा निकालने वाले होटल, मैरिज लॉन, रेस्टोरेंट आदि से कूड़ा संग्रहण तथा जुर्माना वसूली की व्यवस्था होनी है।
साथ ही शहर के 15 और अयोध्या के 5 कूड़ा संग्रहण स्थलों को सेल्फी प्वाइंट बनाया जाना, अफीम कोठी एवं एयरपोर्ट के निकट स्थित 30000 मी टन कूड़ा निस्तारित कराने तथा 30 अगस्त तक वैवाहिक समारोह एवं अन्य आयोजनों के लिए रायबरेली रोड पर 4.70 करोड़ की लागत से प्रस्तावित कल्याण मण्डप के प्रथम तल के स्ट्रक्चर कार्य को पूर्ण कराने, 03 योगा पार्क में सूर्य नमस्कार की प्रतिमाएं लगवाने और कचेहरी के पीछे स्थित मल्टी लेवल कार पार्किंग का निर्माण पूर्ण कराने का लक्ष्य है।
नगर आयुक्त ने भी दिए जवाब
शहर में रामपथ समेत अन्य को लेकर मीडिया के तीखे सवाल पर नगर आयुक्त विशाल सिंह ने मोर्चा संभाला। कहा कि अयोध्या प्रसवकाल से गुजर रही है, अभी निर्माण का दौर है, कुछ कष्ट होगा ही। सभी को सहयोग कराना होगा। सिंगिल यूज प्लास्टिक के सवाल पर उन्होंने प्रवर्तन दस्ते के क्रियाकलाप की जाँच कराने तथा आमजन को जागरूक होने व विकल्प अपनाने का सुझाव दिया तो महापौर ने थोक सप्लाई रोक के लिए शासन को पत्र लिखने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर नगर निगम के अन्य अधिकारी और पार्षदगण मौजूद रहे।
