मन की बात: पीएम मोदी बोले- लोकल खिलौने के लिए बनना है वोकल

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित कर रहे हैं। पीएम मोदी हर महीने के आखिरी रविवार को मन की बात करते हैं। वह 68वीं बार देशवासियों से मन की बात कार्यक्रम के जरिए जुड़ रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि 5 सितंबर को …

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित कर रहे हैं। पीएम मोदी हर महीने के आखिरी रविवार को मन की बात करते हैं। वह 68वीं बार देशवासियों से मन की बात कार्यक्रम के जरिए जुड़ रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाएंगे। समय के साथ शिक्षकों के सामने भी चुनौती है। शिक्षकों ने चुनौती को स्वीकार किया है। शिक्षक और छात्र मिलकर नया कर रहे हैं। नई शिक्षा नीति के जरिये इसमें अहम भूमिका निभाएंगे। पीएम मोदी ने कहा कि भारतीयों के इनोवेशन और सॉल्यूशन देने की क्षमता का लोहा हर कोई मानता है और जब समर्पण भाव हो, संवेदना हो तो ये शक्ति असीम बन जाती है। हमारे यहां के बच्चे, हमारे विद्यार्थी, अपनी पूरी क्षमता दिखा पाएं, अपना सामर्थ्य दिखा पाएं, इसमें बहुत बड़ी भूमिका पोषण की भी होती है।

पीएम मोदी ने कहा कि अब कंप्यूटर और स्मार्टफ़ोन के इस जमाने में कंप्यूटर गेम्स का भी बहुत ट्रेंड है। ये गेम्स बच्चे भी खेलते हैं, बड़े भी खेलते हैं। लेकिन, इनमें भी जितने गेम्स होते हैं, उनकी थीम्स भी अधिकतर बाहर की ही होती हैं। आत्मनिर्भर भारत अभियान में वर्चुअल गेम्स हों, ट्वाएड का सेक्टर हो, सभी ने, बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। 100 वर्ष पहले, गांधी जी ने लिखा था कि– “असहयोग आन्दोलन, देशवासियों में आत्मसम्मान और अपनी शक्ति का बोध कराने का एक प्रयास है।”

पीएम मोदी ने कहा कि अब आप सोचिए कि जिस राष्ट्र के पास इतनी विरासत हो, परम्परा हो, विविधता हो, युवा आबादी हो, क्या खिलौनों के बाजार में उसकी हिस्सेदारी इतनी कम होनी, हमें, अच्छा लगेगा क्या? जी नहीं, ये सुनने के बाद आपको भी अच्छा नहीं लगेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैसे मैं मन की बात सुन रहे बच्चों के माता-पिता से क्षमा मांगता हूं क्योंकि हो सकता है, उन्हें अब ये मन की बात कार्यक्रम सुनने के बाद खिलौनों की नई-नई डिमांड सुनने का शायद एक नया काम सामने आ जाएगा। खिलौने जहां एक्टिविटी को बढ़ाने वाले होते हैं, तो खिलौने हमारी आकांक्षाओं को भी उड़ान देते हैं। खिलौने केवल मन ही नहीं बहलाते, खिलौने मन बनाते भी हैं और मकसद गढ़ते भी हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे किसानों ने कोरोना की इस कठिन परिस्थितियों में भी अपनी ताकत को साबित किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना के इस कालखंड में देश कई मोर्चों पर एक साथ लड़ रहा है, लेकिन इसके साथ-साथ, कई बार मन में ये भी सवाल आता रहा कि इतने लम्बे समय तक घरों में रहने के कारण, मेरे छोटे-छोटे बाल-मित्रों का समय कैसे बीतता होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में हो रहे हर आयोजन में जिस तरह का संयम और सादगी इस बार देखी जा रही है, वो अभूतपूर्व है। हम बहुत बारीकी से अगर देखेंगे, तो एक बात अवश्य हमारे ध्यान में आयेगी – हमारे पर्व और पर्यावरण.. इन दोनों के बीच एक बहुत गहरा नाता रहा है। इन दिनों ओणम का पर्व भी धूम-धाम से मनाया जा रहा है। कोरोना काल में संयम रखना जरूरी है। पर्व और पर्यावरण के बीच अनोखा रिश्ता रहा है।

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