अयोध्या : खिरौनी सुचित्तागंज में इस बार टापू नजर आएंगे कई इलाके
सोहावल/ अयोध्या, अमृत विचार। नगर पंचायत खिरौनी सुचित्तागंज में आधा दर्जन नाले है। जिनसे बरसात का पानी निकलकर समदा झील में गिरता है। इनमें बाजार सुचित्तागंज के बीच तीन नाले है जिनमे दो की सफाई जमाने से नही हुई है। हर बरसात में चोक होकर जल भराव की स्थिति पैदा करता है। इससे प्रभावित होने वाले में प्रह्लाद का पुरवा, दुर्जन पुरवा और मान तिवारी पुरवा शामिल है। खिरौनी से निकल कर त्रिलोदकी गंगा में मिलने वाले नाले की भी सफाई वर्षों से नहीं हुई। इसके कारण उचितपुर होल पुरवा झलिहान पुरवा आदि पानी से घिर सकते है।
बरसात ने अपना प्रचंड रूप दिखाया तो नगर पंचायत के कई पुरवों में जलभराव की स्थिति नजर आएगी। इसकी आशंका से लोग अभी से घिरे दिखाई पड़ रहे है। चेयरमैन प्रतिनिधि राम सुमेर भारती ने बताया तैयारी पूरी है लेकिन नगर पंचायत की अभी प्रथम बैठक तक की तिथि तय नही हुई है। अपने स्तर से नालों की सफाई शुरू करायी है। तहसील के बगल के नाला साफ हो चुका है। बरसात से पहले सभी नालों की सफाई हो जाएगी।
भरतकुंड भदरसा में भी जल निकासी के नहीं हुए हैं इंतजाम
नगर पंचायत भरतकुंड भदरसा में भी जल निकासी के लिए अभी कोई इंतजाम नहीं। नालों की सफाई के लिए नगर पंचायत की पहली बैठक का इंतजार है। नगर पंचायत में कुल छोटे बड़े मिलाकर 20 नाले और नालियां हैं। जिसमें सबसे दयनीय दशा नैपुरा मूसेपुर, नंदीग्राम, भरतकुंड होते हुए तमसा नदी तक जाने वाली नाले की है। 4 किलोमीटर लंबे इस नाले की दशा या है कि जगह जगह झाड़ियां उग आयी है बीच-बीच में नाले की पटाई हो गई है और नाले की जमीन पर अवैध कब्जा है। मूसेपुर के गुड्डू , छोटू , असलम, जैबुल कहते हैं कि इसी नाले से बरसात के पानी का जल निकास है यदि नाले की साफ-सफाई न की गई तो बरसात का पानी घरों में जाने लगता है।
उन्होंने बताया कि घर के सामने तालाब है जल निकासी ना होने से तालाब पानी से भर जाता है और तालाब का पानी घरों में जाता है। नवनिर्वाचित सभासद संजीव कुमार बताते हैं कि नगर पंचायत की पहली बैठक में ही नाले की सफाई का प्रस्ताव रखा जाएगा। यही हाल भरतकुंड वार्ड नंबर 7 के बीबीपुर बने पक्के नाले की है नाला जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया है और गंदगी से पटा है। सभासद राम कृष्ण पांडे कहते हैं कि नगर पंचायत की पहली बैठक में नाले की मरम्मत और साफ-सफाई का प्रस्ताव रखा जाएगा। ईओ इंद्र प्रताप बताते हैं कि बरसात आने से पहले सभी नालों और नालियों को साफ करा दिया जाएगा।
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