अयोध्या में श्रद्धालुओं के लिए राह हुई मुश्किल, मुख्य मार्ग बंद कर दिया डायवर्जन भूल गए जिम्मेदार
सोमवार को ई- रिक्शा पलटने से एक महिला श्रद्धालु का टूटा हाथ
अयोध्या/अमृत विचार। निर्माणाधीन रामपथ को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के नजरिए से रास्ता बंद कर दिया लेकिन डायवर्जन भूल गये। नतीजा अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को एक नहीं तमाम दुश्वारियों का दंश भोगना पड़ रहा है। कोई वैकल्पिक मार्ग व्यवस्था न होने से श्रद्धालु जैसे - तैसे बंद मार्ग से आने - जाने को मजबूर हैं। नतीजा रोज हादसे हो रहे हैं। सोमवार को भी ई-रिक्शा पलटने से एक महिला श्रद्धालु का हाथ टूट गया। तीन अन्य स्थानों पर भी ई-रिक्शा पलटने से कई के चोटिल होने की सूचना है।
अयोध्या में नया घाट से लेकर सहआदतगंज तक चल रहे राम पथ निर्माण कार्य में डक्ट के बाद अब सीवर पाइप लाइन बिछाने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। रामपथ निर्माण कार्य में बीते दिनों हुए हादसे को देखते हुए आगे कोई हादसा न हो इसके लिए नयाघाट से हनुमान गढ़ी तिराहे तक आवागमन को एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया। मार्ग से जुड़े अन्य गलियों से निकलने वाले वाहन पर प्रतिबंध लगने के कारण श्रद्धालुओं को दिक्कतें उठानी पड़ रहीं हैं।
वैकल्पिक रास्ता न होने से अभी भी बंद मार्ग से जैसे तैसे लोगों और छोटे वाहनों का आना जाना हो रहा है। इसे रोकने के लिए कोई भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा ना ही पुलिस रोक रही है। नतीजा अयोध्या आने वाले यात्रियों के लिए रामपथ पर चलना मुश्किल हो गया है। जगह जगह जलभराव से कीचड़ बना हुआ है। वहीं चल रहे कार्य के बीच से निकलकर जाने वाले ई रिक्शा भी पलट जा रहे हैं। सोमवार हनुमानगढ़ी तिराहे के पास ई रिक्शा पलटने से सवार महिला यात्री नवाबगंज निवासी प्रियांशी का हाथ टूट गया। वहीं तीन अलग-अलग हादसे में कुछ अन्य यत्रियों को भी चोंटे आईं हैं।
बोले अयोध्यावासी- जनजीवन हो गया दुरूह
स्थानीय निवासी विक्रम श्रीवास्तव कहते हैं कि नया घाट से हनुमानगढ़ी के बीच रास्ता तो बंद कर दिया। श्रद्धालु किस रास्ते से हनुमानगढ़ी और राम जन्मभूमि तक पहुंचेंगे इसका कोई प्लान भी नहीं तैयार किया गया है। कोई निश्चित मानक के अनुरूप इस कार्य को नहीं किया जा रहा है।
पहले कई गलियों को बंद कर दिया गया तो अब मुख्य मार्ग भी बंद है। ई रिक्शा चालक और टेंपो चालक गड्ढों के किनारे से वाहन को लेकर गुजर रहे हैं इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। सत्येंद्र कुमार ने कहा कि कोई प्लान नहीं है, जनता कैसे जी रही है इसकी भी फिक्र प्रशासन को नहीं है।
रामपथ निर्माण में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवागमन को बंद किया गया है। अगले 1 सप्ताह में इस क्षेत्र के कार्य को पूरा करने के बाद आगे भी इसी प्रकार कार्य किया जाएगा। अभी डायवर्जन की व्यवस्था नहीं हो सकी है, विचार किया जा रहा है। पुलिस को यातायात संचालन रोकने और निगरानी के लिए कहा जा चुका है ...अमित सिंह, एडीएम, प्रशासन अयोध्या।
