खुदरा महंगाई मई में घटकर दो वर्ष के न्यूनतम स्तर 4.25 प्रतिशत पर
नई दिल्ली। अनाज और सब्जियों के अपेक्षाकृत सस्ता होने से खुदरा मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति मई 2023 में घट कर 4.25 प्रतिशत पर आ गयी। अप्रैल में यह 4.7 प्रतिशत थी। खुदरा महंगाई दर इस समय करीब 25 माह के न्यूनतम स्तर पर है। मई, 2023 माह में खाद्य महंगाई दर 2.91 प्रतिशत रही जो अप्रैल में 3.48 प्रतिशत था। पिछले वर्ष मई में खुदरा मुद्रास्फीति 7.02 प्रतिशत थी।
पिछले तीन माह से खुदरा मुद्रास्फीति छह प्रतिशत की सीमा से नीचे बनी हुई है, जिससे भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति को पिछली दो नीतिगत समीक्षाओं में नीतिगत ब्याज दर (रेपो) में बढ़ोतरी के सिलसिले पर विराम लगाने का अवसर मिला है। रेपो दर इस समय 6.5 प्रतिशत है। रिजर्व बैंक को मुद्रास्फीति चार प्रतिशत से अधिक से अधिक दो-प्रतिशत ऊंचे-नीचे के दायरे में रखने की जिम्मेदारी दी गयी है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी खुदरा महंगाई के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार मई 2023 में खूदरा मूल्य सूचकांक 177.1 अंक जबकि अप्रैल के संशोधित आंकड़े में खूदरा मूल्य सूचकांक का 175.9 अंक था।
मई में ग्रामीण क्षेत्र की खुदरा मुद्रास्फीति 4.17 प्रतिशत तथा शहरी क्षेत्र की 4.27 प्रतिशत थी। आंकड़ों अनुसार इस वर्ष मई में अनाज और अनाज उत्पादों के खुदरा भाव सालाना स्तर पर 12.65 प्रतिशत ऊपर थे जबकि सब्जियों का मूल्य स्तर 8.81 प्रतिशत नीचे था। खाद्य तेल और वनस्पति के भावों में वार्षिक स्तर पर 16 प्रतिशत की कमी आयी है जबकि मांस मछली के भाव 1.29 प्रतिशत नीचे चल रहे हैं। इस बीच आज ही जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2023 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक पर आधारित औद्योगिक वृद्ध दर 4.2 प्रतिशत रही जो पिछले साल अप्रैल में 6.7 प्रतिशत थी।
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