Kanpur: कार्यकर्ता पर मुकदमा लिखने से नाराज भाजपाइयों का हंगामा, अखिलेश यादव ने ट्वीट कर BJP पर साधा निशाना
भाजपा महामंत्री ने सैकड़ों समर्थकों के साथ बर्रा थाने में दिया धरना, बीती पांच जून को चुनावी रंजिश में दो पक्षों के बीच हुआ था विवाद
कानपुर/अमृत विचार। चुनावी रंजिश को लेकर बीती पांच जून को बर्रा आई ब्लॉक में भाजपा व सपा समर्थकों बीच विवाद हो गया था। जिसमें सपा समर्थकों की ओर से भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। कार्यकर्ता के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत होने से नाराज भाजपाईयों ने बर्रा थाने में धरना देकर थानाध्यक्ष को हटाए जाने की मांग पर अड़ गए। हंगामें के दौरान भाजपाईयों की पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुई। मौके पर पहुंचे आलाधिकारियों के आश्वासन के बाद भाजपाई शांत हुए।
निकाय चुनाव में वार्ड 82 से भाजपा की प्रत्याशी रिचा द्विवेदी का आई ब्लाक निवासी शोभित दीक्षित, करन दीक्षित, रवि प्रकाश पांडेय व अनुज पांडेय समर्थन कर रहे थे। वहीं सपा की प्रत्याशी माया देवी का जरौली निवासी शशांक द्विवेदी आई ब्लाक निवासी पुष्पेंद्र यादव, ओम जी यादव, अक्षय त्रिपाठी, बाबू तिवारी व अवधेश शुक्ला समर्थन कर रहे थे। चु
नाव के दौरान से दोनो पक्षों के बीच आपसी रंजिश चली आ रही थी। बीती पांच जून को जरौली निवासी शशांक द्विवेदी नाला रोड पर बैठे थे इसी दौरान कुछ युवक आए और उनके साथ मारपीट की, जिस पर परिजनों ने समझौता करा दिया। सुलह होने के बाद शोभित दीक्षित, करन दीक्षित व अनिल ने दोबारा डंडे व लोहे की सरिया से शोभित की पिटाई कर दी, जिसमें शोभित की हाथ की हड्डियां टूट गईं थी।
तहरीर के आधार पर बर्रा पुलिस ने शोभित, करन, रविशंकर पांडेय व अनुज के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया। भाजपा कार्यकर्ता करन दीक्षित ने मामले की शिकायत भाजपा महामंत्री व विधानसभा अध्यक्ष प्रतिनिधि राकेश तिवारी से की। सोमवार देर शाम भाजपा महामंत्री अपने समर्थकों के साथ बर्रा थाने में कार्यकर्ता के खिलाफ दर्ज मुकदमें के मामले में बर्रा थाने पहुंचे। बर्रा थानाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह के थाने में न मिलने से नाराज होकर भाजपा महामंत्री थाने के बाहर धरने पर बैठ गए और कमिश्नरेट पुलिस पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर हंगामा किया।
कमिश्नरेट पुलिस पैसा लेकर लिखती है मुकदमा
भाजपा महामंत्री राकेश तिवारी ने कमिश्नरेट पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए बताया कि पुलिस विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी है। पुलिस एक पार्टी से पैसा लेकर मुकदमा लिखती है वहीं दूसरी पार्टी से पैसा लेकर मुकदमें को हटाती है। भाजपा कार्यकर्ता जब अपने लोगों की पैरवी के लिए थाने जाते है तब उनको दुत्कार दिया जाता है, ताकि उनके भ्रष्टाचार पर भाजपाईयों की नजर न पड़ें। थानेदारों का समाजवादियों के साथ सांठगांठ है, ऐसे लोग समाज का शोषण करतें हैं।
पुलिस विरोधी नारे लगाए, हुई धक्का मुक्की
बर्रा इंस्पेक्टर के थाने में न मिलने से नाराज भाजपाईयों ने थाने में धरने बैठ गए और पुलिस विरोधी नारे लगाए। नारेबाजी के दौरान भाजपा महामंत्री ने बताया कि भ्रष्ट अफसर योगी सरकार की छवि खराब करने का कार्य कर है। मौके पर पहुंचे एसीपी बाबूपुरवा संतोष सिंह ने महामंत्री राकेश तिवारी से अकेले में बात करने की बात की तो भाजपाई बिफर गए, जिसके बाद उनके गनर से भाजपाईयों की धक्का मुक्की भी हो गई। महामंत्री ने बीच बचाव कर मामले को शांत कराया।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने किया ट्वीट
भाजपा कार्यकर्ता अपनी सरकार की पुलिस के रवैये से नाराज होकर बर्रा थाने में धरने पर बैठ गए, जिसकी फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगी। सपा अध्यक्ष ने मामले की फोटो ट्वीट करते हुए लिखा की भाजपा राज में भ्रष्टाचार की आंधी है। वहीं सपा मीडिया सेल के ट्वीटर हैंडल से एक और ट्वीट किया गया, जिसमें लिखा गया है कि योगी जी लग रहे नारे सुन रहें हैं कि नहीं… गली-गली में शोर है आपकी पुलिस चोर है, ऐसा कहकर बीजेपी कार्यकर्ता और नेता सीधे आपके ऊपर आरोप लगा रहे हैं और थाने में घुस कर पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट, गुंडागर्दी, अभद्रता कर रहे है। अब आप यह बताइए कि इन गुंडे भाजपाईयों पर बुलडोजर कब चलेगा।
आश्वासन के बाद शांत हुए भाजपाई
हंगामें के दौरान भाजपाई बर्रा इंस्पेक्टर की निलंबन की मांग पर अड़ गए। एसीपी बाबूपुरवा संतोष सिंह ने कई बार उनकों शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन भाजपाई पुलिस कमिश्नर को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे, जिसके बाद एडीसीपी साउथ अंकिता शर्मा मौके पर पहुंची और उन्होंने जांच कर कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया। तब जाकर भाजपा कार्यकर्ता शांत हुए।
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