NEET-UG Results 2023: बिहार के 21 वर्षीय अभ्यर्थी ने की खुदकुशी, नीट में 720 में से आए थे 400 नंबर

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Edited By Amrit Vichar
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कोटा। बिहार के 21 वर्षीय एक अभ्यर्थी ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) में लगातार दो प्रयासों में मनचाहे अंक प्राप्त करने में नाकाम रहने के बाद यहां कथित तौर पर खुदकुशी कर ली। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रोशन बिहार के समस्तीपुर जिले का रहने वाला था और उसे उसके भाई सुमन ने बृहस्पतिवार को उसे कोटा स्थित किराए के कमरे में पंखे से लगाए गए फंदे से लटका पाया। सुमन खुद कोटा में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है, लेकिन वह रोशन से अलग रहता था। 

अधिकारियों के मुताबिक, रोशन के महावीर नगर पुलिस थाना क्षेत्र स्थित कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं बरामद हुआ है, लेकिन उनका मानना है कि दूसरे प्रयास में भी अच्छे अंकों के साथ नीट-यूजी उत्तीर्ण ना कर पाने के कारण उसने आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठा लिये। नीट-यूजी के परिणामों की घोषणा इस हफ्ते की शुरुआत में की गई थी। 

क्षेत्राधिकारी पुलिस उपाधीक्षक हर्षराज सिंह ने बताया कि रोशन और उसका भाई सुमन प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे थे और महावीर नगर थाना क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर रहते थे। सिंह के मुताबिक, रोशन दिल्ली में अपने चाचा के घर गया था और बृहस्पतिवार सुबह कोटा लौटा था, जिसके बाद उसने अपनी मां से बात की। 

उन्होंने बताया कि दिन में जब रोशन के माता-पिता ने उसे फोन किया, तो उसने फोन नहीं उठाया। इसके बाद उन्होंने सुमन से रोशन के कमरे में जाकर देखने को कहा। सिंह के अनुसार, जब सुमन पीजी पहुंचा, तो उसने उसके भाई को इमारत की तीसरी मंजिल पर स्थित कमरे में पंखे से बंधे फंदे से लटका पाया। उन्होंने बताया कि रोशन को फौरन अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 

सिंह के मुताबिक, रोशन पिछले दो साल से कोटा में नीट-यूजी की तैयारी कर रहा था और इस सत्र में अपने दूसरे प्रयास में उसने 720 में से 400 अंक हासिल किए थे। पुलिस के अनुसार, घटना की जांच के लिए दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 74 (आत्महत्या को लेकर पूछताछ और रिपोर्ट दायर करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि रोशन के परिजन शुक्रवार को कोटा पहुंचे और पोस्टमार्टम के बाद मृतक का शव उन्हें सौंप दिया गया। यह कोटा में पिछले छह महीनों में किसी अभ्यर्थी द्वारा खुदकुशी करने का 12वां मामला है। शहर में वर्ष 2022 में कुल 15 अभ्यर्थियों ने आत्महत्या जैसे कठोर कदम उठाए। 

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