Chitrakoot: विधानसभा में उठाया जाएगा फराज के घर के हिस्से को गिराने का मामला, सपा विधायक मनोज पांडेय ने दिया आश्वासन
चित्रकूट में फराज के घर के हिस्से को गिराने का मामला विधानसभा में उठाया जाएगा।
चित्रकूट में फराज के घर के हिस्से को गिराने का मामला विधानसभा में उठाया जाएगा। मुख्य सचेतक व सपा विधायक मनोज पांडेय ने आश्वासन दिया।
चित्रकूट, अमृत विचार। समाजवादी पार्टी के निवर्तमान महासचिव फराज खान के घर के आगे के हिस्से के ढहाने का मामला तूल पकड़ता दिख रहा है। शनिवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पहुंचे सात सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने फराज के परिजनों से मुलाकात की। फराज के पिता मुन्ने खां ने इनको घर के कागजात दिखाए और उत्पीड़न का आरोप लगाया। प्रतिनिधि मंडल की अगुवाई कर रहे विधायक व मुख्य सचेतक विधानसभा डा. मनोज पांडेय ने कहा कि यह सरासर एक उत्पीड़नात्मक कार्रवाई है और वह इस मुद्दे को सदन में उठाकर न्याय मांगेंगे।
गौरतलब है कि पांच जून को सपा नेता फराज के द्वारिकापुरी के हाईवे किनारे पर स्थित मकान के आगे के कुछ भाग को एसडीएम राजबहादुर, सीओ हर्ष पांडेय, कोतवाली प्रभारी गुलाब त्रिपाठी की अगुवाई में टीम ने जेसीबी से गिरवा दिया था। एसडीएम ने इस कार्रवाई को बिना नक्शे के अनधिकृत रूप से बने हिस्से को ध्वस्तीकरण के आदेश का अनुपालन बताया था।
जिलाध्यक्ष शिवशंकर यादव ने मामले की जानकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को दी थी। अखिलेश के निर्देश पर शनिवार को सात सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल फराज के परिवार से मिलने पहुंचा। इसमें विधायक व मुख्य सचेतक विधानसभा डा. मनोज पांडेय, विधायक बबेरू विशंभर सिंह यादव, विधायक भदोही जाहिद बेग, सदर विधायक अनिल प्रधान, विधायक कानपुर मोहम्मद हसन रूमी, विधायक सुल्तानपुर ताहिर हुसैन के अलावा जिलाध्यक्ष शिवशंकर यादव शामिल रहे। प्रतिनिधि मंडल ने फराज के पिता मुन्ने खां और भाई सिराज खां से बात की और उनको न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि मुन्ने खां ने प्रतिनिधि मंडल को अपने सभी कागजात दिखाए और दावा किया कि उन्होंने अपना घर पूरी तरह से नियम कायदे के अनुसार बनाया है। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए डा. मनोज पांडेय ने कहा कि यह सरासर प्रशासन ने भाजपाइयों को खुश करने के लिए किया है। प्रतिनिधि मंडल ने इस बात पर नाराजगी जताई कि सिर्फ मुन्ने खां पर ही क्यों कार्रवाई की गई।
कहा कि जिलाधिकारी और कमिश्नर से सवाल है कि आसपास बस्ती में सिर्फ एक ही मकान पर कार्रवाई क्यों। क्या विकास प्राधिकरण इस बात का जवाब दे सकता है कि कितने लोगों पर इस तरह की कार्रवाई की गई है। कितने लोगों को नोटिस देकर उनके घर गिराए गए हैं। उन्हें क्या एक ही मकान दिखाई दिया जो कि सूत-सूत नापा गया।
डा. पांडेय ने कहा कि अगर नापजोख की जाए तो इस इलाके के कई घर कार्रवाई की जद में आ जाएंगे। आरोप लगाया कि यह सब कुछ इस वजह से किया गया कि फराज का परिवार सपाई है। उन्होंने कहा कि वह विधानसभा में यह प्रकरण उठाएंगे और तब प्रशासन को जवाब देना होगा। गौरतलब है कि फराज खान पर मुख्तार अंसारी की बहू और विधायक अब्बास अंसारी की पत्नी निखत बानो को शहर में रहने के लिए कमरा दिलाने का आरोप है। 10 फरवरी को निखत जिला जेल में पति से गैरकानूनी रूप से मिलने पर पकड़ी गई थी। इस मामले में जेल के कई अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है। फराज को 20 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था।
जब बन रहा था तो क्यों नहीं की आपत्ति
डा. पांडेय ने कहा कि नक्शा पास करने के बाद यह स्थानीय विकास प्राधिकरण की जिम्मेदारी होती है कि वह इस बात का ध्यान दे कि नक्शे के आधार पर निर्माण हो रहा है कि नहीं। अगर यह घर नियमतः नहीं बन रहा था तो तब आपत्ति क्यों नहीं की गई। यह घटना सरेआम केवल इन्हें प्रताड़ित करने के लिए और कुछ लोगों को खुश करने के लिए है।
पूरे परिवार को क्यों मिल रही सजा- शिवशंकर
जिलाध्यक्ष शिवशंकर यादव ने कहा कि एक क्षण को मान भी लिया जाए कि फराज अपराधी है तो उसकी सजा भी तो वह जेल जाकर भुगत रहा है। उसके वृद्ध पिता, भाई, पत्नी आदि पूरे परिवार को क्यों सजा मिल रही है। उन्होंने कहा कि यह सब भाजपाइयों के इशारे पर प्रशासन द्वारा की जा रही उत्पीड़नात्मक कार्रवाई है और परिवार को सपाई होने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। पर इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर आगे की कार्रवाई- विधायक
प्रतिनिधि मंडल में शामिल सदर विधायक अनिल प्रधान ने कहा कि इस प्रकरण की पूरी रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंपी जाएगी। इसके बाद वह जैसा निर्देश देंगे, वैसा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन भाजपाइयों के इशारे पर सपाइयों का उत्पीड़न कर रहा है। पर यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हाईकोर्ट में लंबित है मामला
सपा जिलाध्यक्ष ने बताया कि मुन्ने खां ने बताया कि उनको विकास प्राधिकरण से अभी एक और नोटिस मिली है। यह उनके मकान के गलियारे को लेकर है। इस मामले में हाईकोर्ट में उन्होंने अपनी याचिका दाखिल की है।
