हरदोई: फर्जी वकील बने सपा नेता को पुलिस ने किया गिरफ्तार, जानें पूरा मामला
हरदोई। पुलिस ने फर्जी सार्टिफिकेट के बूते वकालत करने वाले सपा नेता कुलदीप यादव को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ कोतवाली शहर में धारा 419/420 के तहत मामला दर्ज कराया गया था। मामला दर्ज होने के बाद सपा नेता पुलिस को चकमा दे कर फरार चल रहा था। पुलिस ने रविवार को सीओ सिटी सत्येन्द्र कुमार सिंह की गाइडलाइन पर कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाया।
बताते चलें कि लोनार थाने के सोनेपुर निवासी सुरेंद्र सिंह पुत्र वीरेंद्र सिंह ने कोतवाली शहर के मोहल्ला आलू थोक निवासी सपा नेता कुलदीप यादव पुत्र रावेन्द्र सिंह के खिलाफ बार कौंसिल के सार्टिफिकेट नंबर यूपी 01560/15 में फर्ज़ीवाड़ा कर अपने नाम से रजिस्ट्रेशन करा कर कचहरी में वकालत शुरू कर दी। उसने रायबरेली के किसी वकील के नाम पर इस तरह का फर्ज़ीवाड़ा किया।
इस पर कोतवाली शहर पुलिस में सपा नेता कुलदीप यादव के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए एसआई मुकुल दुबे को जांच सौंपी गई थी। उसके बाद से फर्ज़ी वकालत करने वाला सपा नेता पुलिस को चकमा दे कर फरार चल रहा था। कोतवाली शहर पुलिस ने रविवार को सीओ सिटी सत्येन्द्र कुमार सिंह की गाइडलाइन पर उसे उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
हथिया चुका था हेल्थ वर्कर की नौकरी
शातिरपन के लिए अपनी अलग पहचान बना चुके सपा नेता कुलदीप यादव ने वकालत करते हुए स्वास्थ्य महकमें के संविदा संवर्ग में टीबी हेल्थ वर्कर की नौकरी भी हासिल कर ली थी। उसे साण्डी सीएचसी में तैनात किया गया था, लेकिन तिकड़मबाज़ी के चलते उसे वहां से भी बाहर कर दिया गया था। उसके बाद उसने फिर से कचहरी में वकालत शुरू कर दी थी।
सपा जिलाध्यक्ष की कुर्सी पर किया था कब्जा!
सपा नेता कुलदीप यादव ने खुद को सपा का ज़िलाध्यक्ष बताते हुए पार्टी कार्यालय में पहुंच कर वहां ज़िलाध्यक्ष की कुर्सी पर कब्ज़ा कर लिया था। उस दौरान कार्यालय पर काफी बवाल ही नहीं हुआ बल्कि इसकी भनक पार्टी नेतृत्व के कानों तक भी पहुंची थी। उसके बाद से पार्टी नेतृत्व ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए कुलदीप यादव को पार्टी से बाहर किए जाने का फरमान सुना दिया।
एसपी ऑफिस में भी किया था हंगामा
हरदोई। लोनार थाने के सोनेपुर में हुए दुष्कर्म के मामले की पीड़ित को बयान दर्ज करने के लिए एसपी ऑफिस बुलाया गया था। कुलदीप यादव वहां वकील बन कर पहुंचा और पीड़ित किशोरी की पैरवी करने वालों के साथ न सिर्फ गाली-गलौज की बल्कि अपने को पीड़ित किशोरी का पैरवीकार बताते हुए वहां काफी हंगामा भी किया था। जिसकी कई दिनों तक कचहरी में काफी चक-चक मची रही थी।
'फर्ज़ीवाड़ा करने वाले कुलदीप यादव के खिलाफ कोतवाली शहर और लोनार थाने में करीब 18 मामले दर्ज हैं। उसकी क्राइम हिस्ट्री खंगालीं जा रही है। इस तरह कानून के साथ खिलवाड़ करने वाले को कतई बख्शा नहीं जाएगा'...सत्येन्द्र कुमार सिंह, सीओ सिटी, हरदोई।
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