Ram Mandir Ayodhya : हरिद्वार से 108 कलश में गंगाजल लेकर पहुंचे रामभक्त
प्राण प्रतिष्ठा से पहले मंदिर परिसर में होगा छिड़काव
अयोध्या, अमृत विचार। रामजन्मभूमि में श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा से पहले मंदिर में गंगा जल का छिड़काव करने के लिए सोमवार को हरिद्वार से 108 कलश में गंगाजल लेकर राम भक्त अयोध्या पहुंचे, जिसे राम मंदिर ट्रस्ट को समर्पित किया गया है।
दिल्ली के इंद्रप्रस्थ संजीवनी संस्था के द्वारा 108 से अधिक रामभक्तों का जत्था हरिद्वार से पवित्र गंगाजल 108 कलश में लेकर पहुंचा, जहां अशर्फी भवन के निकट राम भवन से बाजे गाजे के साथ कलश यात्रा निकालकर राम जन्मभूमि परिसर पहुंचे। यहां सभी कलश को राम मंदिर ट्रस्ट को समर्पित किया गया।
संजीव अरोड़ा ने बताया कि दिल्ली से इंद्रप्रस्थ संजीवनी सामाजिक संस्था के माध्यम से 108 से अधिक लोग दिल्ली से आए हुए हैं, जो अपने साथ 108 गंगाजल का कलश लेकर आए हुए हैं। हमारी कामना है कि जो मंदिर निर्माण का कार्य चल रहा है उसकी श्रद्धा और पवित्रता और बढ़े। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सहयोगी के रूप में कार्य कर रहे गोपाल जी राव ने कहा कि हरिद्वार से गंगा जी के जल को सीता कूप में भी डालेंगे। मंदिर परिसर के चारों ओर और मंदिर के अंदर भी जल का छिड़काव किया जाएगा।
कल निकाली जाएगी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा
रामकोट क्षेत्र स्थित प्राचीन जगन्नाथ मंदिर में बड़े ही भव्यता के साथ मंगलवार को रथयात्रा निकाली जाएगी। अपने प्राचीन परंपरागत मार्ग कनक भवन, हनुमान गढ़ी, दिगम्बर अखाड़ा के रास्ते रामघाट से सरयू तट पहुंचने पर पूजन के उपरांत मंदिर पहुंचेगी।
अयोध्या स्थित प्राचीन जगन्नाथ मंदिर में भगवान के अभिषेक के लिए गर्भगृह का कपाट भक्तों के लिए खोल दिया गया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में मौजूद भक्तों ने भगवान के दर्शन किये। अयोध्या में बीते एक सप्ताह से चल रहे भगवान जगन्नाथ रथयात्रा उत्सव में 14 जून योगिनी एकादशी से भगवान जगन्नाथ का दर्शन भक्तों के लिए बंद कर दिया गया था। ऐसी मान्यता है कि जगन्नाथपुरी में जब भगवान विष्णु तालाब में स्नान करने गए तो बीमार हो गए और जब घर में आए तो लक्ष्मी जी नहीं थी वह भी रूठ कर अपने मायके चली गई थी, जिसके कारण ठाकुर जी अस्वस्थ हो गए थे। इस दौरान 1 सप्ताह तक उन्हें औषधियों से स्नान और भोग लगाया जाता रहा।
जगन्नाथ मंदिर के महंत राघवदास बताते हैं कि भगवान के श्रृंगार आरती के बाद मंदिर के पट को खोल दिया गया है। शाम 6 बजे धूमधाम से बैंड बाजा के साथ सैकड़ों की संख्या में भक्त नाचते गाते हुए इस यात्रा में शामिल होंगे। इस दौरान अयोध्यावासी, जनप्रतिनिधि व साधु संत भी मौजूद होंगे।
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