बरेली: पोस्टबायोटिक से मुर्गियों की शारीरिक वृद्धि 30 फीसदी तक तेज

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केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान में वैज्ञानिकों की टीम ने किया शोध

बरेली, अमृत विचार। केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई) में पोस्ट बायोटिक का मुर्गियों की शारीरिक वृद्धि पर प्रभाव जानने के लिए रिसर्च की जा रही है। वैज्ञानिकों के मुताबिक पोस्ट बायोटिक के इस्तेमाल से मुर्गियों की शारीरिक वृद्धि 30 फीसदी तक तेज हुई है।

प्रधान वैज्ञानिक डॉ. जगबीर सिंह त्यागी ने बताया कि ब्रायलर मुर्गी पर अध्ययन किया गया है। ब्रायलर के शरीर में पाए जाने वाले जो अच्छे जीवाणु रोग प्रतिरोध क्षमता बढ़ाने में मददगार होते है, उनकी सेल वाल को तोड़कर उसके अंदर मौजूद द्रव्य निकालकर उसमें मौजूद एंटीबायोटिक, एसिडोएसिड, एंटीऑक्सीडेंट्स से तैयार मिक्चर को मुर्गियों को दाने में मिलाकर दिया गया। निर्धारित मानकों पर इसके परिणाम बेहतर मिले हैं।

मुर्गियों की आंत की पीएच, एंटीऑक्सीडेंट्स प्रापर्टी, अच्छे बैक्टीरिया की संख्या में वृद्धि, रोग प्रतिरोधक क्षमता वृद्धि, उत्पादन क्षमता और शारीरिक वृद्धि जैसे मानकों पर यह परीक्षण किया गया। सीएआरआई निदेशक डॉ. अशोक कुमार तिवारी के निर्देशन में हुए इस अध्ययन में प्रधान वैज्ञानिक डॉ. जगबीर सिंह त्यागी के नेतृत्व में डॉ. गौतम, डॉ. मतीन, आईवीआरआई के पशु पोषण के डॉ. अशोक, डॉ. एल सी चौधरी, डॉ. केशवन शामिल हैं।

प्रोबायोटिक देने से पड़ा खराब असर
मुर्गियों के शरीर में लैक्टोबैसिलस जैसे प्रोबायोटिक देने से हानियां देखी गई। ज्यादा संख्या में हानिकारक बैक्टीरिया होने से ये प्रोबायोटिक खत्म हो गए। इसके साथ इन प्रोबायोटिक के प्रति हानिकारक बैक्टीरिया जैसे ई-कोलाई, साल्मोना ने प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर ली। इससे प्रोबायोटिक कुछ समय तक ही प्रभाव दिखा पाते हैं। इसी समस्या को दूर करने के लिए वैज्ञानिकों की ओर से पोस्टबायोटिक का प्रयोग किया गया। इससे मुर्गियों में करीब 30 प्रतिशत तक शारीरिक वृद्धि देखी गई।

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