सुलतानपुर: बड़ौदा यूपी बैंक के 78 शाखाओं में लटके ताले, 90 करोड़ का टर्नओवर प्रभावित, जानें वजह
सुलतानपुर/अमृत विचार। जिले भर के ग्रामीण बैंक की 78 शाखाओं में सोमवार की तरह मंगलवार को भी ताला लटकता रहा। यूनियन के नेताओं की मानें तो इस दौरान करीब 90 करोड़ रुपये का टर्नओवर प्रभावित हुआ। बड़ौदा यूपी बैंक में लगातार दूसरे साल भी नई भर्ती न होने से अधिकारी व कर्मचारी आंदोलित हैं।
ज्वाइंट फोरम आफ बीओबी स्पॉन्सर्ड आरआरबी यूनियन के संयोजक शिवकरन द्विवेदी के मुताबिक सभी ग्रामीण बैंकों में प्रतिवर्ष नई भर्ती हो रही है, लेकिन बैंक ऑफ बड़ौदा के दबाव में पिछले तीन सालों से यहां पर कोई भी भर्ती नहीं की गई है। जिसके कारण बैंक की ग्राहकों की सेवाएं प्रभावित हो रही हैं तथा मौजूदा कर्मचारियों पर काम का बोझ तेजी से बढ़ रहा है।
उनका आरोप है कि नई भर्ती न करके बैंक ऑफ बड़ौदा से 27 अधिकारियों को यहां पर प्रतिनियुक्त पर लाया गया है, जिनका वेतन भत्ते और सुविधाएं का भारी बोझ इस बैंक को उठाना पड़ रहा है। उनका यह भी आरोप है कि बैंक के उच्च अधिकारी प्रायोजक बैंक के इशारे पर भारत सरकार और नाबार्ड के नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
बड़ौदा यूपी बैंक एंप्लाइज यूनियन के सुरेंद्र पांडेय और ऑफीसर्स एसोसिएशन श्रीदत्त राजेश ने गोराबारिक अमहट स्थित बड़ौदा यूपी बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय गेट पर आयोजित विरोध सभा में अपने विचार रखे। अजय द्विवेदी ने संगठन के संघर्षों पर प्रकाश डाला। आनंद दुबे ने आगे युवा वर्ग को लंबे संघर्ष हेतु तत्पर के लिए प्रेरित किया।
कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष आनंद तिवारी ने संगठन के चल रहे आंदोलन के बारे में विस्तृत प्रकाश डाले। शोषण बंद करे। अंतर क्षेत्रीय स्थांतरण को जल्द शुरू करे। नई वैकेंसी जारी करें। नहीं तो संगठन 15 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल करेगा। मंगलवार को सभा को अमित मिश्र, पवन, रमाकांत तिवारी, रवि, ऋषि, तुषार, संजय पाठक, रजनीश, रामकृष्ण पांडेय, अमरेंद्र सिंह, सुमन, रवि, रोशन, गोपाल आदि ने संबोधित किया।
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