बदायूं: चौराहे पर प्रतिमा लगाने को लेकर क्षत्रिय और मौर्य आमने-सामने, हंगामा
उझानी, अमृत विचार। उझानी इलाके में बरेली-मथुरा हाईवे स्थित बरी चौराहे पर अपने-अपने समाज के महापुरुष की प्रतिमा लगाने को लेकर क्षत्रिय और मौर्य समाज के लोग आमने सामने आ गए, जिससे जमकर हंगामा हुआ।
दरअसल यहां क्षत्रिय समाज के लोग महाराणा प्रताप और मौर्य समाज वाले सम्राट अशोक की प्रतिमा लगाने को हैं। हंगामे की सूचना मिलने पर सीओ सीओ उझानी शक्ति सिंह और सदर तहसीलदार करनवीर सिंह मौके पर जा पहुंचे। उन्होंने किसी तरह लोगों को समझाकर शांत किया।
उन्होंने आश्वासन दिया के डीएम के निर्देशानुसार आगे का निर्णय लिया जाएगा। बरेली-मथुरा हाईवे स्थित बरी चौराहे किसी महापुरुष की प्रतिमा लगने को है। मंगलवार देर शाम अशोक महान सेवा समिति के पदाधिकारी और मौर्य समाज के दर्जनों लोग बरी बाईपास चौराहे पर जाकर पेट्रोल पंप के सामने लाल निशान लगा दिए।
मौर्य समाज के लोग बरी चौराहे पर सम्राट अशोक महान की प्रतिमा लगाने की मांग कर रहे हैं। उनके चले जाने के बाद देर रात इसकी जानकारी क्षत्रिए समाज के लोगों को लाल निशान लगाए जाने की जानकारी हुई। इसके बाद रात में लगभग एक बजे क्षत्रिये समाज के लोग इकटठे होकर बरी बाइपास जा पहुंचे और जेसीबी मंगाकर सड़क खुदवा दी।
उनका कहना है कि तत्कालीन जिलाधिकारी कुमार प्रशांत ने बरी चौराहे पर वीर शिरोमणि महारणा प्रताप की प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव पास किया था। क्षत्रिय समाज के लोगों ने रात में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप चौक लिखा बोर्ड चौराहे पर लगा दिया।
बुधवार सुबह करीब 11 बजे सम्राट अशोक के नाम का बोर्ड लगाए जाने की जानकारी अशोक महान सेवा समिति के पदाधिकारियों को लगी तो इकटठे होकर बरी चौराहे जा पहुंचे। इसका पता लगने पर क्षत्रिय समाज के लोग पहुंच गए।
वहां दोनों पक्षों के आमने-सामने आने पर हंगामा होने लगा। दोनों पक्ष अपने-अपने समाज के महापुरुष की प्रतिमा स्थापित करने की बात पर अड़े थे, जिससे माहौल गर्माने लगा और मारपीट की नौबत आ गई थी। इस बीच किसी ने इसकी सूचना आला अफसरों को दे दी।
इससे कुछ ही देर में उझानी सीओ शक्ति सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर जा पहुंचे। सदर तहसीलदार करनवीर सिंह पहुंचे गए। सीओ ने पुलिस की मदद से दोनों पक्षों के लोगों को हटाकर अलग-अलग करने के बाद समझाकर शांत किया।
उन्होंने कहा की मामला डीएम के सामने रखा जाएगा। आगे का निर्णय आला अधिकारी करेंगे। इसके बाद लोग शाम होकर चले गए। इसके इसके बाद दोनों पक्षों ने कलेक्ट्रेट जाकर डीएम कार्यालय में अपना-अपना ज्ञापन दिया। उधर, पुलिस इस मामले को दबाने की कोशिश में है। सीओ उझानी का कहना है कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है।
